इंडि अघाड़ी की तरफ से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली टालने की मांग फिर से दोहराई गई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने चार दिन में दूसरी बार राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर दिवाली के बाद 10 नवंबर को रैली करने की रिक्वेस्ट की है।
CTI प्रेसिडेंट बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को लिखे अपने लेटर में कहा है कि रैली में 15-20 हजार गाड़ियां और 10 लाख लोगों के आने की उम्मीद है। ट्रैफिक जाम और पाबंदियों की वजह से रैली से दिवाली के ट्रेड पर असर पड़ेगा। करीब 10 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की संभावना है।
राहुल गांधी ने सोमवार को SIR के खिलाफ रैली टालने से मना कर दिया था और चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। उन्होंने X पर लिखा था कि दिल्ली के हर व्यापारी की आवाज सुनी जा रही है। मोदीजी से ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए कहें। 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।
CTI के लेटर में चिंताएं और मांगें
- CTI के मुताबिक, अनुमान है कि रैली में 10 लाख लोग आएंगे और 15 से 20 हजार बसें आएंगी। इसलिए, चांदनी चौक, सदर बाजार समेत 20 बड़े मार्केट में ट्रैफिक जाम और ट्रैफिक पाबंदियों से बिजनेस पर असर पड़ सकता है।
- CTI ने 10 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। संगठन का दावा है कि 10 अक्टूबर को हुए आंदोलन से व्यापारियों को 3 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
- CTI ने मांग की है कि रैली दिवाली के बाद या बुराड़ी मैदान और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम जैसी दूसरी जगहों पर की जाए।
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