कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट फेरबदल की मांग तेज, 30 से अधिक विधायक पहुंचे दिल्ली

कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट फेरबदल की मांग तेज, 30 से अधिक विधायक पहुंचे दिल्ली

Demand for cabinet reshuffle intensifies in Karnataka Congress, over 30 MLAs reach Delhi

कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के भीतर कैबिनेट फेरबदल को लेकर मांग तेज हो गई है। कर्नाटक विधानसभा के 30 से अधिक कांग्रेस विधायक रविवार(12 अप्रैल) को दिल्ली रवाना हुए, जहां वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर मंत्रिमंडल में फेरबदल और नए चेहरों को शामिल करने की मांग रखेंगे। इससे फिर एक बार राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

दिल्ली पहुंचे विधायकों के प्रतिनिधिमंडल में अशोक पट्टन, एस.एन. नारायणस्वामी, के. शदाक्षरी, एआर कृष्णमूर्ति, पुट्टरंगा शेट्टी और बेलूर गोपाल कृष्ण सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। ये सभी आगामी दो दिनों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल, कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और अन्य एआईसीसी नेताओं से मुलाकात कर अपनी मांगें रखेंगे।

वरिष्ठ विधायक टी.बी. जयचंद्र ने इस दौरे को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य संगठनात्मक मुद्दों और संभावित कैबिनेट फेरबदल पर चर्चा करना है। उन्होंने कहा, “यह एक सामान्य प्रक्रिया है… कई विधायक दिल्ली आ रहे हैं और हम हाईकमान से मिलकर फेरबदल के लिए अनुरोध करना चाहते हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का कोई मुद्दा नहीं है।

इसी तरह, विधायक एस.एन. नारायणस्वामी ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य कैबिनेट फेरबदल की मांग को शीर्ष नेतृत्व के सामने रखना है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का विषय एजेंडे में शामिल नहीं है और यह पूरी तरह हाईकमान का विशेषाधिकार है।

विधायक के. शदाक्षरी ने भी कहा कि यदि उन्हें समय मिलता है, तो वे राहुल गांधी से भी मुलाकात करेंगे। वहीं, एआर कृष्णमूर्ति ने बताया कि कई बार चुनाव जीत चुके वरिष्ठ विधायकों ने सामूहिक रूप से कैबिनेट फेरबदल की मांग उठाई है और इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जा चुका है।

अशोक पट्टन ने कहा कि पार्टी नेतृत्व से उनकी एक ही मांग है, कैबिनेट फेरबदल। उन्होंने दावा किया कि पहले पार्टी की ओर से ढाई साल बाद फेरबदल का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तीन साल बीत चुके हैं, इसलिए शेष दो वर्षों के लिए नए विधायकों को मंत्री बनने का अवसर मिलना चाहिए।

इस बीच, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी हाल ही में संकेत दिए थे कि कैबिनेट फेरबदल संभव है। उन्होंने कहा, “जब मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि फेरबदल होगा, तो हर कोई मंत्री या मुख्यमंत्री बनना चाहता है, इसमें कुछ गलत नहीं है।” राज्य में यह स्थिति आंतरिक खींचतान के बीच उत्पन्न हुई है, खासकर डी.के. शिवकुमार समर्थकों द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर। हालांकि, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों ही यह दोहरा चुके हैं कि इस मामले में अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान ही करेगा।

कुल मिलाकर, दिल्ली में होने वाली इन बैठकों के बाद कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट फेरबदल को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

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