इस अवसर पर सीएम सम्राट चौधरी ने बुजुर्गों के घर जाकर निबंधन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 83 वर्षीय अवधेश कुमार के घर पर डिजिटल निबंधन प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन भी किया गया।
सीएम ने कहा कि पहले यह सुविधा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन अब सरकार ने आयु सीमा घटाकर 75 वर्ष कर दी है। इससे अधिक संख्या में बुजुर्ग अपने घर बैठे ही संपत्ति का निबंधन करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों के जीवन को आसान बनाना तथा सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत के निर्माण के लिए लगातार काम कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार का संकल्प लिया था। राज्य सरकार उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए डिजिटल शासन और बेहतर नागरिक सेवाओं पर विशेष जोर दे रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निबंधन कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही राज्य से बाहर रहने वाले लोगों के लिए भी आवेदन के माध्यम से डिजिटल निबंधन की सुविधा विकसित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जुलाई से राज्य के विभिन्न प्रखंडों में 213 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का विस्तार होगा। उन्होंने यह भी बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रत्येक माह की 10 तारीख को लगभग एक करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में 1,100 रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा सहित कई विधायक, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,118 हुई, बचाव अभियान जारी!



