डिसइंफो लैब का खुलासा: पाकिस्तान ने साथियों संग फैलाया फेक न्यूज जाल!

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन, तुर्की से लेकर बांग्लादेश जैसे पाकिस्तान के साथियों ने भारत के खिलाफ गलत सूचनाओं को फैलाने में कैसे साथ दिया। 

डिसइंफो लैब का खुलासा: पाकिस्तान ने साथियों संग फैलाया फेक न्यूज जाल!

How-Pakistan-along-with-its-partner-countries-spread-fake-news-against-India-Disinfo-Lab-revealed

22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक और लक्षित कार्रवाई की। इसके जवाब में पाकिस्तान की ओर से भारत के नागरिक और सैन्य ठिकानों को ड्रोन और मिसाइल से टारगेट किया गया।
भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने इन सभी हमलों को निष्क्रिय करते हुए भारतीय रक्षा की श्रेष्ठता को सिद्ध किया। अब भारत-पाकिस्तान संघर्ष भले ही सैन्य रूप से समाप्त हो गया हो, लेकिन इस संघर्ष के दौरान कई ऑनलाइन फेक न्यूज इंटरनेट पर वायरल होती रही, जिनकी बाद में पोल भी खुलती गई।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ‘डिसइंफो लैब’ हैंडल ने पोस्ट की एक सीरीज शेयर कर बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन, तुर्की से लेकर बांग्लादेश जैसे पाकिस्तान के साथियों ने भारत के खिलाफ गलत सूचनाओं को फैलाने में कैसे साथ दिया।

सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो और पोस्ट: पाकिस्तान समर्थित तत्वों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर फर्जी युद्ध वीडियो और भ्रामक पोस्ट साझा किए हैं। इनमें से कई वीडियो वास्तव में वीडियो गेम्स के फुटेज हैं, जिन्हें वास्तविक युद्ध के दृश्य बताकर प्रसारित किया गया। भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने ऐसे फर्जी वीडियो की पहचान की है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मीडिया और NGO के माध्यम से प्रचार: पाकिस्तान ने कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से भारत विरोधी प्रचार किया है। इन माध्यमों से झूठी खबरें और भ्रामक जानकारी फैलाकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

साइबर हमलों और मैलवेयर का उपयोग: पाकिस्तानी हैकर्स ने “Dance of the Hillary” नामक मैलवेयर का उपयोग करके भारतीय नागरिकों के स्मार्टफोन्स में सेंध लगाने की कोशिश की। यह मैलवेयर व्हाट्सएप, फेसबुक, टेलीग्राम और ईमेल के माध्यम से फैलाया गया, जो उपयोगकर्ताओं के डेटा तक पहुंच प्राप्त कर सकता है और डिवाइस को रिमोटली नियंत्रित कर सकता है। इसके अलावा, पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाले धोखाधड़ी कॉल्स की संख्या में भी वृद्धि हुई है, जो लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं।

सरकारी वेबसाइट्स और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले: पाकिस्तानी हैक्टिविस्ट समूहों ने भारतीय सरकारी, पुलिस और बैंकिंग वेबसाइट्स पर साइबर हमले किए हैं। महाराष्ट्र की साइबर सेल ने इन हमलों को रोकने के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग किया है, जिससे अब तक कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।

यह भी पढ़ें-

Exit mobile version