अभी फ्रांस में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े पैमाने पर माइग्रेशन और इस्लाम को ज़िम्मेदार ठहराया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा, “फ्रांस में जो हो रहा है वह कंट्रोल से बाहर है, इसके लिए बड़े पैमाने पर माइग्रेशन ज़िम्मेदार है। इस्लाम एक महान देश पर कब्ज़ा करना चाहता है।”
What’s happening in France is nothing less than out of control mass migration. This isn’t about schools, this is about Islam wanting to take over a once great Country! President DJT
( TS: Oct 6 2026, 11:25 AM ET ) https://t.co/ps1wa60HH2
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) October 6, 2026
फ्रांस के स्कूलों के स्टूडेंट्स ने स्कूलों में टीचरों की कमी, क्लास में ज़्यादा भीड़, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और अच्छी सुविधाओं की कमी के खिलाफ विरोध शुरू किया था। यह विरोध धीरे-धीरे देश के कई शहरों में फैल गया। पेरिस, मार्सिले, ल्योन, लिली और स्ट्रासबर्ग जैसे शहरों में स्टूडेंट्स ने स्कूलों के गेट बंद कर दिए। कई जगहों पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। उस समय गाड़ियों में आग लगाने की भी घटनाएं हुईं।
मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी मुद्दे पर फ्रांस में चल रहे स्टूडेंट विरोध प्रदर्शनों की आलोचना की। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने लिखा, “फ्रांस में जो हो रहा है, वह अनकंट्रोल्ड मास माइग्रेशन के अलावा और कुछ नहीं है। यह सिर्फ़ स्कूल का मामला नहीं है। यह इस्लाम की फ्रांस पर कब्ज़ा करने की कोशिश है, जो कभी एक महान देश था।”
फ्रांस के गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को पूरे देश में हुए प्रदर्शनों में 250,000 से ज़्यादा लोग शामिल हुए। ऑर्गनाइज़र ने दावा किया कि यह संख्या 400,000 से ज़्यादा थी। एजुकेशन सिस्टम में सुधार प्रदर्शनकारियों का मुख्य मुद्दा था। कुछ विरोध प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद राजनीतिक चर्चाएँ शुरू हो गईं। ट्रंप ने इन घटनाओं को सीधे इस्लाम और माइग्रेशन से जोड़ा है।
ट्रंप पहले भी यूरोप की माइग्रेशन पॉलिसी की बुराई कर चुके हैं। ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन का मानना है कि यूरोपीय देशों के बॉर्डर सील करके और ज़्यादा सख्ती से चेक किए जाने चाहिए। फ्रांस में राइट-विंगर्स ने प्रदर्शनों पर चिंता जताई है। नेशनल रैली की लीडर मरीन ले पेन ने हिंसक घटनाओं के लिए कड़ी सज़ा की माँग की है। फ्रांस सरकार ने प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए सिक्योरिटी फोर्स तैनात की है।
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