30.3 C
Mumbai
Friday, October 9, 2026
होमराजनीतिपश्चिम बंगाल का नाम बदलकर होगा पश्चिम बंग!

पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर होगा पश्चिम बंग!

बिल लेकर आ रही सरकार

Google News Follow

Related

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने बुधवार को कहा कि राज्य का नाम बदलकर पश्चिम बंग किया जाएगा और इसके लिए विधानसभा के पहले सत्र में एक बिल पेश किया जाएगा। नाम बदलने के बारे में दोबारा पूछे जाने पर न्यूज एजेंसी एएनआई ने उनके हवाले से कहा, “भाई, मुझे कितनी बार कहना होगा? नाम ‘पश्चिम बंग’ ही होगा।” उन्होंने इस हफ्ते की शुरुआत में ही संकेत दिया था कि नाम बदलने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने वाली है। उन्होंने कहा था कि “पश्चिम बंग”, “बांग्ला” और “बंगा” जैसे नामों का इस्तेमाल अब नहीं किया जाएगा।

इससे पहले शमिक ने क्या कहा था?
भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा था, “हां, बिल्कुल। पश्चिम बंग भवन… पश्चिम बंगाल का ‘पश्चिम’… अब आपको लंबे समय तक ‘पश्चिम बंग’, ‘बांग्ला’ या ‘बंगा’ जैसे नाम सुनने को नहीं मिलेंगे। ‘पश्चिम बंग’ नाम आ रहा है।” प्रस्तावित कानूनी कदम के बारे में बताते हुए बीजेपी के राज्य प्रमुख ने कहा कि इस बिल का मकसद राज्य के आधिकारिक नाम को उसकी ऐतिहासिक पहचान से जोड़ना है।

उन्होंने कहा, “बहुत जल्द पहले ही सत्र में हमारी सरकार एक बिल पेश करने जा रही है ताकि इस राज्य का नाम राज्य के इतिहास से गहराई से जुड़ा रहे और यही इसकी पहचान बनी रहे। इसीलिए राज्य का नाम ‘पश्चिम बंग’ रखा जा रहा है।”

नाम बदलने का राजनीतिक इतिहास
पश्चिम बंगाल का नाम बदलने के प्रस्ताव का एक लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है। यह पहल 1999 में शुरू हुई थी, जब लेफ्ट फ्रंट सरकार ने राज्य का नया नाम ‘पश्चिम बंग’ रखने का प्रस्ताव दिया था। बाद में तत्कालीन कांग्रेस विधायक सौगत रॉय के सुझाव पर इस प्रस्ताव को बदलकर ‘बांग्ला’ कर दिया गया, लेकिन केंद्र ने इसे खारिज कर दिया। 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद राज्य ने फिर से ‘पश्चिम बंग’ नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे यूपीए-2 सरकार ने ठुकरा दिया। 2016 में राज्य ने तीन नाम सुझाए बंगाली में ‘बांग्ला’, अंग्रेजी में ‘Bengal’ और हिंदी में ‘बंगाल’ और आखिरकार तीनों भाषाओं में ‘बांग्ला’ नाम का प्रस्ताव रखा। जुलाई 2018 में पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राज्य का नाम बदलकर ‘बांग्ला’ करने का प्रस्ताव पास किया और इसे मंजूरी के लिए केंद्र के पास भेजा।

हालांकि, इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली। केंद्र ने इसके लिए संवैधानिक संशोधन की जरूरत बताई, जबकि सूत्रों ने पहले कहा था कि ‘बांग्ला’ और बांग्लादेश के नामों में समानता के कारण अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भ्रम पैदा हो सकता है। 2019 में तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को बताया कि केंद्र ने नाम बदलने की मंजूरी नहीं दी थी।

यह भी पढ़ें-

कीव समेत यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला, 11 की मौत

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,046फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
337,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें