रूस के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि उसकी सेनाओं ने कीव और यूक्रेन के कई अन्य इलाकों में सैन्य-औद्योगिक ठिकानों पर सटीक निशाना साधने वाले हथियारों और ड्रोन का इस्तेमाल करके जबरदस्त हमला किया। मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों में जमीन, समुद्र और हवा से छोड़े जाने वाले हथियारों के साथ-साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। मंत्रालय के अनुसार, हमलों में कीव में फायर पॉइंट द्वारा संचालित ठिकाने भी शामिल थे, जहां कथित तौर पर फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइलें और मध्यम व लंबी दूरी के ड्रोन बनाए और रखे जाते हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने कहा कि कीव, चेर्निहाइव, किरोवोहराद, निप्रॉपेट्रोव्स्क, पोल्टावा और खार्किव इलाकों में भी सैन्य-औद्योगिक ठिकानों पर हमले किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर लगभग 70 मिसाइलें और ड्रोन दागे गए।
पूरे यूक्रेन में हुए इन हमलों में कम से कम 11 लोग मारे गए। उन्होंने ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मुख्य लक्ष्यों में से एक बताया और रूस पर आरोप लगाया कि वह इस हमले के जरिए भारी नुकसान पहुंचाना और एक संदेश देना चाहता था। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, “मुख्य लक्ष्यों में से एक हमारा ऊर्जा बुनियादी ढांचा था। रूसी सेना दर्दनाक और दिखावटी हमला करना चाहती थी।”
उन्होंने कहा कि रूसी बैलिस्टिक मिसाइलें यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं और अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम की मांग करते हुए कहा कि देश के लिए इनकी अत्यंत आवश्यकता है।
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