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Saturday, October 24, 2026
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भारत को हल्के में मत लेना, चीन को सिखाया सबक, अब अमेरिका की बारी​!

दुनियाभर के देश कारोबार करने के लिए लाइन लगाकर खड़े हैं​|​ उस देश को ट्रंप ने डेड इकोनॉमी कहकर ये साबित कर दिया कि उनके अर्थशास्त्र का ज्ञान अभी अल्प है​|​ 

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ट्रंप पहले मनमाने ढंग से टैरिफ थोपने का डर दिखाते हैं और फिर अपनी शर्तों पर उन देशों से ट्रेड डील करते हैं​| भारत के साथ भी ट्रंप यही करना चाहते थे, लेकिन भारत पर 50 फीसदी टैरिफ ठोकने वाले ट्रंप ये भूल गए कि ये आज का मजबूत भारत है​| 
​बता दें कि विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था वाला देश, 140 करोड़ की आबादी वाला देश, एक ऐसा विशाल बाजार, ​दुनियाभर के देश कारोबार करने के लिए लाइन लगाकर खड़े हैं​|​ उस देश को ट्रंप ने डेड इकोनॉमी कहकर ये साबित कर दिया कि उनके अर्थशास्त्र का ज्ञान अभी अल्प है​|​ 
सिर्फ गली-नुक्कड़ ही नहीं आपके घर के कोने-कोने में अमेरिकी प्रोडक्ट्स मौजूद है​| किचन से लेकर बाथरूम तक, बेडरूम से लेकर पर्सनल केयर तक हर जगह अमेरिकी कंपनियां मौजूद है​| अगर नजर डाले जिस अमेजॉन से आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं वो अमेरिकी कंपनी है​| जिस गूगल पर आप कुछ भी सर्च करते हैं वो अमेरिकी कंपनी है फेसबुक, ट्वीटर ये भी अमेरिकी कंपनी है​| 
FMCG सेगमेंट में अमेरिका की कई बड़ी कंपनियां भारत में कारोबार कर रही हैं. पेप्सी, कोला के अलावा माजा, बोतलबंद पानी किनले, कुरकुरे, लेड, व्हिस्पर, टाइट डिटर्जेंट, विक्स, कोलगेट, बेबी प्रोडक्ट्स Johnson & Johnson, मैगी, नेस्कैफे, किटकैट, नेस्ले, बच्चे के हगीज, कॉर्न फ्लेक्स, चॉकोज़, ओट्स बनाने वाली कंपनी Kellogg,, कैडबरी डेयरी मिल्क, बोर्नविटा , ओरियो जैसे अमेरिकी ब्रांड आपके घर में बैठे हैं​| 
एरियल, टाइड से लेकर हेड एंड शोल्डर्स, पैंटीन जैसे अमेरिकी ब्रांड आपके घर में घुसे हुए है​|लक्स, लाइफबॉय, डव साबुन, सर्फ एक्सेल जैसे कई ब्रांड है, जो अमेरिकी है​| कोलगेट-पामोलिव ओरल हाइजीन ने तो पहली ही तिमाही में भारत में 1,434 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है​| अगर बायकॉट की मांग तेज हुई तो इन अमेरिकी कंपनियों को बड़ा झटका लग सकता है​| घर के बाहर मैकडोनाल्ड के बर्गर, डोमिनोज के पिज्जा, KFC सब अमेरिकी ब्रांड्स है, जो भारत में कारोबार कर रहे हैं​| 
अमेरिका से पहले 140 करोड़ की आबादी वाला भारत चीन को बायकॉट का मतलब सिखा चुका है​| साल 2020 में गलवान घाटी झड़प के बाद भारत ने चाइनी प्रोडक्ट का बहिष्कार किया​|भारत की मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के मुताबिक चीन से सामानों के आयात में कमी आई​| 
चीनी सामानों की बिक्री में 25-40% की गिरावट आई थी​| बहिष्कार के चलते चीन की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है​| चीन के उन उद्योगों को सबसे बड़ा झटका लगा था, जो भारत को निर्यात करते है​| भारत एक बड़ा और तेजी से बढ़ता बाजार है​| ऐसे में भारत से दूरी अमेरिका को भारी पड़ सकती है​| 
अमेरिका के COMTRADE डेटाबेस की मानें तो भारत ने पिछले साल अमेरिका से कुल 38.99 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान खरीदा था​, जिसमें सेब, फल, व्हिस्की, वाइन और स्पिरिट्स, पैकेज्ड फूड, चॉकलेट्स और कन्फेक्शनरी शामिल है​| अगर संबंध बिगड़े तो आयात पर भी असर पड़ेगा​|  
 
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