विदेश मंत्री एस जयशंकर दो दिवसीय दौरे पर बेल्जियम पहुंच रहे हैं। 16 मार्च तक वह ब्रसेल्स में ही रहेंगे। उन्हें ईयू की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा कैलास ने निमंत्रण दिया था।
विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, डॉ. जयशंकर का ये दौरा 16वें इंडिया-ईयू समिट के तुरंत बाद हो रहा है। इस दौरे का मकसद हाल की बातचीत को आगे बढ़ाते हुए रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना है।
इस दौरे के दौरान, विदेश मंत्री यूरोपीय यूनियन के नेतृत्व और बेल्जियम और दूसरे ईयू सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ भी मुलाकात करेंगे।
भारत-ईयू के संबंध 2026 में ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। इस साल की शुरुआत में दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी आर्थिक और भू-राजनीतिक तालमेल में बदल गई है। दोनों पक्षों ने व्यापार, सुरक्षा, तकनीक, सतत विकास और वैश्विक मुद्दों पर संबंधों को मजबूत किया है।
बता दें, जनवरी 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता हुआ। ईयू और भारत के बीच ये समझौता तब हुआ, जब अमेरिका टैरिफ का दबाव बनाकर सभी देशों के साथ अपनी शर्तों पर व्यापार करना चाहता था।
भारत और यूरोपीय संघ ने व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने का पहला प्रयास 2007 में किया था। शुल्क, बाजार पहुंच और नियमों को लेकर बातचीत कई वर्षों तक ठप रही। बातचीत 2021 में फिर से शुरू हुई। समझौते का पूरा प्रभाव सामने आने में समय लगेगा।
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