महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार (3 जनवरी) को आगामी 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले मुंबई की सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और नगर नेतृत्व को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया। वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में भाजपा–शिवसेना (महायुति) गठबंधन की रैली को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि मुंबई में मौजूद बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाएगा और शहर को सुरक्षित बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम मुंबई में बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे और उन्हें वापस भेजेंगे, ताकि शहर और ज्यादा सुरक्षित बन सके। पिछले सात महीनों में कई बांग्लादेशियों को मुंबई से वापस भेजा गया है और जब तक सभी ऐसे घुसपैठियों को बाहर नहीं किया जाता, यह प्रक्रिया जारी रहेगी।” उन्होंने ‘सुरक्षित मुंबई’ का वादा करते हुए कहा कि अवैध अप्रवासियों से मुक्त शहर ही उनकी सरकार का लक्ष्य है।
नगर नेतृत्व के मुद्दे पर फडणवीस ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा, “उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मैंने यह साफ कर दिया है कि मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू होगा। कुछ लोगों ने बुर्का पहनने वाली महिला के मेयर बनने की बात कही, लेकिन जो लोग मराठी अस्मिता के झंडाबरदार होने का दावा करते हैं, उन्होंने तब आपत्ति नहीं जताई। हम स्पष्ट हैं—मुंबई का मेयर मराठी-हिंदू ही होगा।” उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनाव मुंबई के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
फडणवीस का यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हाल ही में अपने पुनर्मिलन के बाद कहा था कि मुंबई का मेयर मराठी होगा। इससे पहले मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार के करीबी माने जाने वाले नेताओं में से कुछ ने भी इस मुद्दे पर कड़े बयान दिए थे।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा-नेतृत्व वाला गठबंधन अव्यावहारिक वादे नहीं करता, बल्कि जो कहता है, उसे पूरा करता है। उन्होंने कहा, “बीएमसी चुनाव मुंबई की छवि और भविष्य बदलने का चुनाव है। 16 जनवरी छत्रपति संभाजी महाराज की राज्याभिषेक दिवस है और यह दिन महायुति द्वारा मुंबई जीतने का प्रतीक होना चाहिए।”
मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने के आरोपों को खारिज करते हुए फडणवीस ने कहा, “मैंने मुंबई लौटते समय जांच लिया कि क्या मुंबई महाराष्ट्र से अलग हो गई है। मुंबई यहीं है और यहीं रहेगी। चुनाव नजदीक आते ही कुछ लोगों का संतुलन बिगड़ जाता है।” मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार मुंबई को देश का सबसे पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ शहर बनाने के लिए ₹17,000 करोड़ का पर्यावरण बजट तैयार करेगी। इस योजना का विस्तृत खाका जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।
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