प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारतीय संस्कृति पर दिए गए विचारों और भाषणों का संकलन ‘संस्कृति का पांचवां अध्याय’ अब पुस्तक रूप में पाठकों के सामने प्रस्तुत होने जा रहा है। इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन आज शुक्रवार(18 अप्रैल) शाम 5 बजे नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के समवेत सभागार में किया जाएगा।
सरकारी मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, पुस्तक का विमोचन जूना अखाड़े के प्रमुख आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश करेंगे, जबकि IGNCA के अध्यक्ष राम बहादुर राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
‘संस्कृति का पांचवां अध्याय’ पुस्तक में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विभिन्न अवसरों पर दिए गए भाषणों को शामिल किया गया है, जिनमें भारतीय संस्कृति, परंपराएं, आध्यात्मिक मूल्य और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों पर उनके विचारों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक की प्रस्तावना राम बहादुर राय ने लिखी है, और इसका संकलन डॉ. प्रभात ओझा द्वारा किया गया है। इस पुस्तक का प्रकाशन प्रभात प्रकाशन ने किया है।
पुस्तक विमोचन समारोह में देशभर से संस्कृति, साहित्य और नीति निर्माण में रुचि रखने वाले कई विद्वानों, शोधकर्ताओं और साहित्य प्रेमियों के शामिल होने की संभावना है।
ज्ञात हो कि इससे पहले 2023 में भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल (जून 2020 से मई 2022) के दौरान दिए गए भाषणों पर आधारित दो-खंडीय पुस्तक ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का विमोचन किया गया था। इन खंडों में क्रमशः 86 और 80 भाषण शामिल हैं, जिनमें स्टार्टअप इंडिया, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत, राष्ट्रशक्ति जैसे विषयों पर दिए गए प्रेरणादायक वक्तव्य शामिल हैं।
‘संस्कृति का पांचवां अध्याय’ प्रधानमंत्री मोदी की सांस्कृतिक दृष्टि और भारत की परंपराओं के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ साबित हो सकती है।
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