अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर, अवैध होर्डिंग लगाने का आरोप

अदालत ने दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 2007 की धारा 3 के तहत अपराध माना है और केजरीवाल के अलावा, पूर्व विधायक गुलाब सिंह और पूर्व पार्षद नितिका शर्मा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर, अवैध होर्डिंग लगाने का आरोप

FIR against Arvind Kejriwal, accused of putting up illegal hoardings

दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित अन्य नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध होर्डिंग लगाने का आरोप है। यह मामला दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में लंबित है और अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।

शिकायतकर्ता शिव कुमार सक्सेना ने अदालत में सबूत पेश किए कि दिल्ली के द्वारका इलाके में आम आदमी पार्टी के बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर बिना अनुमति के लगाए गए थे। कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे अवैध होर्डिंग न केवल शहर की सुंदरता खराब करते हैं, बल्कि यातायात के लिए भी खतरा बन सकते हैं।

अदालत ने कहा “देश में अवैध होर्डिंग गिरने से लोगों की मौत होना कोई नई बात नहीं है, इसलिए इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” इस मामले में अदालत ने दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 2007 की धारा 3 के तहत अपराध माना है और केजरीवाल के अलावा, पूर्व विधायक गुलाब सिंह और पूर्व पार्षद नितिका शर्मा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

दिल्ली पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि उन्होंने एफआईआर दर्ज कर ली है और इसकी रिपोर्ट कोर्ट में सौंप दी है। मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी। इस मामले के सामने आने के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी को घेरना शुरू कर दिया है।

यह भी पढ़ें:

‘गौ माता से बदबू’ वाले बयान पर कैबिनेट मंत्री ने बोला हमला कहा, ऐसी बात की मंशा रखने वाले संदिग्ध!

बॉलीवुड: आमिर ने क्यों कहा, सलमान खान को ‘पसलियां तोड़ने’ की आदत है?

हालांकि, “आप” की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं, विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि “आप” सरकार ने जनता के पैसे से प्रचार किया और अब कानून की गिरफ्त में है। गौरतलब है कि साल 2019 में भी द्वारका में अवैध होर्डिंग्स लगाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप लगा था। अब कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

Exit mobile version