सुखबीर सिंह बादल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट किया, “हीरो से जीरो तक… उन लोगों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है, जिनके आम आदमी पार्टी से रिश्ते बिगड़ गए हैं। संदीप पाठक कभी भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद साथी और सत्ता के एक अहम केंद्र थे।
उन्होंने आगे कहा, “पाला बदलने के बाद जमानत न मिलने वाली धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज होना बदले की राजनीति की ओर इशारा करता है। रसूख से लेकर जांच-पड़ताल तक का यह बदलाव, कई गंभीर सवाल खड़े करता है।”
दरअसल, संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब के दो अलग-अलग जिलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इन मामलों में भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोपों की बात सामने आ रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी संभव हो सकती है। हालांकि अभी तक पुलिस ने इस मामले पर आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है।
संदीप पाठक को आम आदमी पार्टी के सबसे भरोसेमंद और रणनीतिक नेताओं में गिना जाता था। वह अप्रैल 2022 से पंजाब से राज्यसभा सदस्य भी रहे हैं। पार्टी के संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती थी। खासकर 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्हें एक प्रमुख रणनीतिकार के तौर पर देखा गया था, जिसमें आप को बड़ी जीत मिली थी।
अब उनके भाजपा में शामिल होने को राजनीतिक हलकों में एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम से आप की रणनीति और संगठन दोनों पर असर पड़ सकता है।
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