79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (15 अगस्त) को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल के अंत तक बाजार में पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में छह सेमीकंडक्टर यूनिट्स पर काम जारी है और चार नई यूनिट्स को मंजूरी दी जा चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि देश को वैश्विक चिप बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगी। अपने भाषण में पीएम मोदी ने हाल ही में सेना द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया और कहा कि पाकिस्तान में हमारी सशस्त्र सेनाओं द्वारा किया गया विनाश इतना व्यापक था कि इसके नए-नए खुलासे हर दिन हो रहे हैं।
सिंधु जल संधि पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संधि ने भारत की कृषि को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने पहलगाम में हुए हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समझौते को जारी रखने की निरर्थकता को उजागर करता है। मोदी ने दो टूक कहा, “भारत ने फैसला किया है कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस संधि के कारण भारत में उत्पन्न होने वाली नदियां हमारे दुश्मनों के खेतों को सींच रही हैं, जबकि हमारे देश की मिट्टी और किसान प्यासे हैं।
इससे एक दिन पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए नागरिकों से अपील की थी कि ‘भारतीय बने और भारतीय उत्पाद खरीदें व उपयोग करें’, ताकि स्वदेशी आंदोलन की भावना को और सशक्त किया जा सके। प्रधानमंत्री के इस संदेश ने जहां तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में उम्मीदें बढ़ाईं, वहीं जल संसाधन और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार के सख्त रुख को भी स्पष्ट कर दिया।
यह भी पढ़ें:
मांसपेशियां होती हैं मजबूत तो भरपूर एनर्जी देता है त्रिकोणासन!
ईसी ने ‘वोट चोरी’ जैसे शब्दों पर जताई आपत्ति, कहा- मतदाताओं पर सीधा हमला!



