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Tuesday, September 29, 2026
होमदेश दुनियागौरव भाटिया का राहुल गांधी पर हमला, बताया दलित-पिछड़ा विरोधी नेता! 

गौरव भाटिया का राहुल गांधी पर हमला, बताया दलित-पिछड़ा विरोधी नेता! 

मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि जब प्रियंका गांधी वाड्रा नामांकन करने जाती हैं, तब पीछे खड़गे बैठे हैं। वह दूसरी पंक्ति में बैठे थे और उस समय भी कांग्रेस अध्यक्ष थे।

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भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी को निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से ज्यादा गैर-जिम्मेदार, दलित और पिछड़ा विरोधी कोई नेता भारत में न हुआ है और न होगा।

भाटिया का यह बयान उस वक्त आया है जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी ने शुद्धिकरण का मुद्दा उठाते हुए इसे दलित विरोधी बताया।

नई दिल्ली में सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी कहते हैं कि खड़गे का अपमान हुआ। मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि खड़गे का अपमान करने का काम नकली गांधी परिवार ने किया है।

मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि जब प्रियंका गांधी वाड्रा नामांकन करने जाती हैं, तब पीछे खड़गे बैठे हैं। वह दूसरी पंक्ति में बैठे थे और उस समय भी कांग्रेस अध्यक्ष थे। दरवाजा खोलकर वह कह रहे थे, “मुझे अंदर आने दो।” अगर यह अपमान नहीं है तो क्या है।

गौरव भाटिया ने कहा कि खड़गे ने कुछ तथ्य रखते हुए बताया कि उनका अपमान हुआ, लेकिन राहुल गांधी करीब तीन सप्ताह तक सोते रहे और उन्होंने इसकी सुध नहीं ली। राहुल गांधी के पास विश्व भ्रमण के लिए समय है, लेकिन दलित या पिछड़े समाज से कोई व्यक्ति अगर आरोप लगाता है तो राहुल गांधी स्वयं उसे गंभीरता से नहीं लेते।

भाटिया ने कांग्रेस नेता उदित राज का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के लिए कहा था कि “कोविंद जी, आप समाज के लिए कलंक हैं।” क्या राहुल गांधी ने इस पर एक शब्द भी बोला।

इसके बाद उन्होंने अनुसूचित जनजाति से आने वाली देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर उदित राज के बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उदित राज ने कहा था कि “इनके जैसा राष्ट्रपति किसी देश को न मिले, चमचागिरी की भी हद है।” राहुल गांधी ने उदित राज के इस पोस्ट पर एक शब्द भी बोला क्या।

भाटिया ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि अंदर से मल्लिकार्जुन खड़गे राहुल गांधी से नफरत करते हैं।

उन्होंने ओबीसी समाज को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। राहुल गांधी ओबीसी की बात करते हैं, लेकिन जब ओबीसी आयोग की बात हुई तो क्या कांग्रेस की सरकार ऐसा कर पाई। कांग्रेस के पूर्व नेताओं के बयानों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वे आरक्षण विरोधी रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले राज्यों के चुनावों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने वाला है, इसीलिए पार्टी ओछी राजनीति कर रही है।

भाटिया ने राहुल गांधी को फेल्ड प्रोडक्ट बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बार-बार इस डिफेक्टिव प्रोडक्ट को लॉन्च करती है, लेकिन यह प्रोडक्ट लॉन्च नहीं होता।

इसी बीच, गौरव भाटिया ने पंजाब की भगवंत मान की सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। पंजाब में आप की सरकार अपनी दमनकारी नीतियों के जरिए राज्य के सरकारी कर्मचारियों को दबाने और प्रताड़ित करने का काम कर रही है। भाजपा इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाना चाहती है।

2022 में अरविंद केजरीवाल की सीख के अनुसार भगवंत मान सारे वादे और घोषणापत्र भूल गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के 23 जिलों में करीब 3 लाख सरकारी कर्मचारी महा हड़ताल पर हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके साथ करीब 3.5 लाख पेंशनधारक भी उनकी मांगों का समर्थन कर रहे हैं।

गौरव भाटिया ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा किया था, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हुआ। इसके अलावा, महंगाई भत्ता (डीए) अभी तक लंबित है और उसका भुगतान नहीं किया जा रहा है।

अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने कहा था कि वे पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करेंगे, लेकिन आज स्थिति यह है कि ओपीएस को लेकर भी कोई स्पष्ट रूपरेखा तैयार नहीं की गई है। भगवंत मान कहते हैं कि जब तक हड़ताल वापस नहीं होगी, तब तक वह बातचीत नहीं करेंगे। एक मुख्यमंत्री को इस तरह दबाव नहीं बनाना चाहिए, बल्कि प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करनी चाहिए। यही लोकतंत्र की मूल भावना है।

उन्होंने 29 अगस्त 2026 के एक सरकारी आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें प्रदर्शनकारियों की सूची बनाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। सरकार ने वादा किया था कि डीए दिया जाएगा, नौकरी पक्की होगी और ओपीएस लागू की जाएगी, लेकिन सरकार की विफलता के कारण जब प्रदर्शनकारियों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो अब उनकी सूची बनाकर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।

भाटिया ने भगवंत मान सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि क्या प्रदर्शन करने का अधिकार केवल आप के लोगों को है। जहां आप की सरकार होगी, क्या वहां जनता को प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार भी नहीं होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में सभी वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। भगवंत मान सरकार ने सरकारी खजाना खाली कर दिया है और संवैधानिक जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर पा रही है।

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को मफलर के पीछे छिपने से कुछ नहीं होगा, जवाब तो देना होगा। भगवंत मान सरकार को असंवेदनशील सरकार बताते हुए भाटिया ने कहा कि पंजाब की जनता ऐसी सरकार को उखाड़कर फेंक देगी।

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