जनरल धीरज सेठ ने आर्मी कमांड एंड स्टाफ कोर्स के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित भी किया। पाठ्यक्रम से जुड़े प्रशिक्षकों तथा विदेशी प्रशिक्षु अधिकारियों से भी बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों के साथ पेशेवर सैन्य प्रशिक्षण, नेतृत्व क्षमता और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच सैन्य अधिकारियों की भूमिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
गौरतलब है कि सैन्य अधिकारियों के लिए कमांड और स्टाफ प्रशिक्षण उनकी पेशेवर क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस तरह के प्रशिक्षण से अधिकारियों को रणनीतिक सोच, निर्णय लेने की क्षमता और संयुक्त सैन्य अभियानों के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद मिलती है।
जनरल सेठ 17 से 19 अगस्त तक नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर हैं। अपनी इस यात्रा में उन्होंने नेपाल के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों से भी मुलाकात की व दोनों देशों के साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत में भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य सहयोग तथा द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के विषय प्रमुख रहे।
जनरल धीरज सेठ ने नेपाली सेना मुख्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। यह यात्रा भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों तथा दोनों देशों की सेनाओं के बीच गहरे और निरंतर बढ़ते सहयोग को दर्शाती है। जनरल धीरज सेठ की यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा और सैन्य सहयोग को और मजबूत करना तथा आपसी हित के मुद्दों पर उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाना है।
गौरतलब है कि नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोमवार को भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के जनरल की मानद रैंक प्रदान की थी। जनरल धीरज सेठ को काठमांडू स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष अलंकरण समारोह में यह मानद रैंक प्रदान किया गया।



