कांग्रेस के 200 सीटों पर दावे को लेकर सपा सांसद रामा शंकर राजभर ने कहा, “गठबंधन दल को दावा प्रस्तुत करने का अधिकार है। हर दल चाहता है कि अधिक सीटें हमको मिलें लेकिन शुरू से ही हमारे बड़े नेताओं की यह राय है, चाहे वे कांग्रेस पार्टी के हों या समाजवादी पार्टी के।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस 200 सीटें मांग रही है। मांगने में कोई ऐतराज नहीं है। उसका परीक्षण हो जाएगा कि उसमें से कितनी सीटें जीती जा सकती हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन दल कितना मांग रहे हैं, यह भी तो एक विषय है।
अखिलेश यादव के घर के बाहर लगे पोस्टर ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा, केवट पार लगाएगा’ को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें बुराई क्या है? इसमें तो कोई बुराई नहीं है। आज संपूर्ण उत्तर प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, भयंकर बेरोजगारी, शिक्षा की दशा, स्वास्थ्य विभाग की दशा, व्यापारियों की दशा, सभी लोगों ने देखी है।
उन्होंने कहा कि 2024 में 50 प्रतिशत छला हुआ मतदाता समाजवादी पार्टी के साथ आया। भारतीय जनता पार्टी के पास वही राशन, वही पैसा, वही संसाधन थे और हम लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को यूपी में मात दी।
सपा सांसद ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार हटते नहीं हैं, तब तक इंडिया गठबंधन इन वोट चोरों के खिलाफ आंदोलन करता रहेगा। अभी दिवाली बीतने दीजिए और बड़ा आंदोलन होगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की लूट करने वालों के खिलाफ अगर विपक्ष आंदोलन नहीं करेगा, तो ऐसे विपक्ष के रहने से कोई फायदा नहीं। जो लोकतंत्र न बचाए, उस विपक्ष की कोई अहमियत नहीं है। लोकतंत्र में विपक्ष की बहुत बड़ी भूमिका होती है। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बहुत तेज आंदोलन होंगे।
सपा सांसद ने कहा कि जब तक प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदान सूची में शामिल नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। यदि निर्वाचन आयोग ऐसा नहीं करता और ऑनलाइन नाम हटाए जाते रहे, गांव के गांव लोगों के नाम भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काटे जाते रहे, तो इतिहास के पन्नों में ज्ञानेश कुमार का नाम काले अक्षरों में लिखा जाएगा। लोकतंत्र में मतदाताओं की आह उन्हें लगेगी और भारतीय जनता पार्टी भी उन्हें नहीं बचा पाएगी।
जामिया के बाद जेएनयू में दीवार पर लिखे गए आपत्तिजनक नारे पर उन्होंने कहा कि पूरे देश में सत्ता के खिलाफ भारी जनाक्रोश है। उस जनाक्रोश को डायवर्ट करने के लिए कहीं जहाज उड़ाए जा रहे हैं, तो कहीं अपने ही लोगों द्वारा ऐसे-ऐसे पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं। चाहे बलिया का पोस्टर हो, जेएनयू का पोस्टर हो या लखनऊ का पोस्टर, यह सब केवल जनता के आक्रोश से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग अपने संसाधनों और समर्थकों के जरिए यह सब करा रहे हैं। हमारे यहां बनारस में जहाज दिखाई जा रहे हैं। बनारस की जनता बहुत आक्रोश में है और उस आक्रोश से ध्यान भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है।



