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Sunday, April 5, 2026
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यमुना में गुलाबी-सफेद झाग पर सरकार का एक्शन प्लान तैयार : अनिल गोयल! 

जब औद्योगिक कचरा, सीवेज या अन्य वेस्ट पानी में मिलते हैं, तो उससे झाग बनता है। इसके अलावा, जब पानी तेज गति से बहते हुए किनारों या संरचनाओं, जैसे कालिंदी क्षेत्र के बैराज से टकराता है| 

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर सरकार ने अभियान तेज कर दिया है। भाजपा विधायक अनिल गोयल ने इस मुद्दे पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नदी में दिखने वाला झाग और उसका गुलाबी या सफेद रंग कोई नई समस्या नहीं, बल्कि वर्षों से जमा ‘लिगेसी वेस्ट’ का परिणाम है।

उन्होंने आईएएनएस से बताया कि यमुना में झाग बनने के पीछे मुख्य कारण रासायनिक प्रतिक्रिया है। जब औद्योगिक कचरा, सीवेज या अन्य वेस्ट पानी में मिलते हैं, तो उससे झाग बनता है। इसके अलावा, जब पानी तेज गति से बहते हुए किनारों या संरचनाओं, जैसे कालिंदी क्षेत्र के बैराज से टकराता है, तब भी झाग उत्पन्न होता है। जो गुलाबी या सफेद झाग दिखाई देता है, वह लंबे समय से जमा कचरे का असर है।

अनिल गोयल ने आरोप लगाया कि पिछले 27 सालों में दिल्ली की पूर्व सरकारें, चाहे कांग्रेस हो या आम आदमी पार्टी, ने इस दिशा में ठोस काम नहीं किया, जिसके कारण आज यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।

उन्होंने कहा कि अब दिल्ली सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए कई कदम उठा रही है। औद्योगिक कचरे और सीवेज के निस्तारण के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। खासकर उन इलाकों में, जहां पहले सीवरेज की व्यवस्था नहीं थी, वहां 35 डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इसके अलावा, यमुना में गिरने वाले 22 बड़े नालों में से 11 को पिछले एक साल में टैप कर लिया गया है, ताकि गंदा पानी सीधे नदी में न जाए। बाकी नालों पर भी काम जारी है।

प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिना ट्रीटमेंट के औद्योगिक कचरा और रसायन नदी में छोड़ने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

अनिल गोयल ने बताया कि दिल्ली के बजट में भी पानी और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी गई है। पिछले बजट में करीब 9,000 करोड़ रुपए इस क्षेत्र के लिए आवंटित किए गए थे। इसके अलावा, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने के लिए 500 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार 57,000 करोड़ रुपए का बड़ा ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जो भविष्य में जल निकासी और सफाई व्यवस्था को मजबूत करेगा। साथ ही, केंद्र सरकार की ओर से भी यमुना सफाई के लिए विशेष योजना चलाई जा रही है।

भाजपा विधायक ने बताया कि नदी की सफाई के लिए नई आधुनिक मशीनें भी लाई गई हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा इन मशीनों का उद्घाटन किया गया है और अब ये जमीन पर काम कर रही हैं।

इस पूरी प्रक्रिया में समय लगेगा, क्योंकि नालों की डी-सिल्टिंग (गाद हटाने) और सीवरेज सिस्टम को सुधारना एक लंबी प्रक्रिया है। लेकिन सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है।
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