हल्द्वानी: मुस्लिम इलाकों में सत्यापन अभियान, 300 पुलिस जवान तैनात!

हल्द्वानी के एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि, “यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है| 

हल्द्वानी: मुस्लिम इलाकों में सत्यापन अभियान, 300 पुलिस जवान तैनात!

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उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में पुलिस प्रशासन ने शुक्रवार को मुस्लिम बहुल इलाकों में बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान (verification drive) शुरू किया है। इस अभियान में करीब 300 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, और इसका नेतृत्व खुद सीनियर पुलिस अफसर कर रहे हैं।

किन इलाकों में चल रहा अभियान?

सत्यापन अभियान मुख्य रूप से बनभूलपुरा, लाइन नंबर 17, इन्द्रानगर, गफूर बस्ती और तिकोनिया जैसे मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में चलाया जा रहा है। यहां बाहरी व्यक्तियों की बढ़ती आवाजाही और हालिया घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं।

क्या हो रहा है सत्यापन में?

सत्यापन के दौरान अधिकारियों द्वारा उपस्थित नागरिकों से किरायेदारों के दस्तावेजों की जांच, अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले संदिग्धों की तलाशी, आधार कार्ड, राशन कार्ड, पुलिस सत्यापन फॉर्म की जांच, कुछ स्थानों पर घर-घर जाकर भी जानकारी एकत्र की जा रही है। पुलिस की ओर से क्या कहा गया?
हल्द्वानी के एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि, “यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है। किसी विशेष समुदाय को निशाना नहीं बनाया गया है।”

अभियान की जरूरत क्यों पड़ी?

हाल के महीनों में हल्द्वानी में अवैध घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी, और कई बाहरी लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई शुरू की।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

कुछ स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम को सुरक्षा की दृष्टि से सही बताया, वहीं कुछ लोगों ने इसे एकतरफा कार्रवाई कहते हुए सवाल भी उठाए हैं। कुछ संगठनों ने मांग की है कि ऐसे अभियान सभी क्षेत्रों में समान रूप से चलाए जाएं, ताकि समुदाय विशेष में डर का माहौल न बने।

क्या आगे भी चलेगा अभियान?

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान अगले कुछ दिनों तक चल सकता है और इसके दायरे में शहर के अन्य संवेदनशील इलाके भी शामिल किए जा सकते हैं। इसके साथ ही पुलिस स्थानीय निवासियों से सहयोग की अपील कर रही है।

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