केंद्रीय गृह सचिव के अलावा समिति में राज्य और केंद्र सरकारों से संयुक्त सचिव स्तर के या उससे ऊपर रैंक के अधिकारी शामिल होंगे। समिति ऐसी घटनाओं को रोकने और उनसे निपटने के लिए जारी मौजूदा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और दिशा-निर्देशों की जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश सुझाएगी।
यह समिति तकनीकी खराबी, मानवीय भूल, मौसम की स्थिति, नियमों का पालन और अन्य कारणों का आकलन करेगी।
इस समिति में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव/संयुक्त सचिव, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव, गुजरात के गृह विभाग के प्रतिनिधि और राज्य आपदा प्रतिक्रिया प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
समिति जरूरत पड़ने पर किसी अन्य सदस्य की भी सेवा ले सकती है, जिसमें विमानन विशेषज्ञ, दुर्घटना जांचकर्ता और कानूनी सलाहकार शामिल हैं।
अहमदाबाद में एयर इंडिया बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटना को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने शनिवार को कहा कि भारतीय बेड़े में शामिल 34 ड्रीमलाइनर विमानों में से आठ का निरीक्षण पहले ही किया जा चुका है और शेष विमानों की जांच तत्काल पूरी कर ली जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने भारत में सभी ड्रीमलाइनर विमानों की सख्त सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने कहा, “हमने डीजीसीए को सभी बोइंग 787 विमानों की गहन निगरानी करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय इस घटना को बहुत गंभीरता से ले रहा है।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास जो कुछ हुआ, उससे पूरा देश स्तब्ध है और मैं पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”
इससे पहले दिन में मंत्री ने मौजूदा सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और अन्य विमानन निकायों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
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