मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “गर्मी में हमारे बेटे-बेटियां धरने पर बैठे थे और मांग कर रहे थे। कुछ लोगों को जरूर लगता होगा कि मैं वहां क्यों चला गया, क्या मैं झुक गया? लेकिन मुझे लगता है कि बच्चों के लिए झुकना क्या, अगर उनके लिए सिर कटाना पड़े तो सिर भी कटाएंगे। वे हमारे देश का भविष्य हैं।”
उन्होंने कहा कि गैप के कारण संवाद ठीक तरीके से नहीं हो पा रहा था, इसलिए मौके पर जाकर खुद संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को ‘वृद्धजन दिवस’ के अवसर पर देहरादून के हिमालयन कल्चरल सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उत्तराखंड के रुद्रपुर और देहरादून में आधुनिक वृद्धाश्रम बनाए जा रहे हैं। राज्य के हर जिले में हम वृद्धाश्रम बना रहे हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं। इस साल राज्य में सभी बुजुर्गों को मानव संसाधन के लिए कमी न पड़े, इसके लिए 150 से ज्यादा मास्टर ट्रेनर हर जिले में प्रशस्त करने का लक्ष्य रखा है, ताकि समय पर बुजुर्गों की देखभाल हो पाए।
सीएम धामी ने बताया कि बुजुर्गों की मोतियाबिंद की बीमारी को लेकर सरकार ने लक्ष्य रखा है कि इस बार 1300 लोगों का ऑपरेशन कराया जाएगा। इसके अलावा, बुजुर्गों के लिए अन्य व्यवस्थाएं भी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैं आशीर्वाद चाहता हूं। हमारे बुजुर्ग हमारी संस्कृति और मूल्यों के रक्षक और जीवंत वाहक हैं। हमारी सरकार वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों को 1,500 रुपये मासिक पेंशन प्रदान कर रही है।”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 100 वर्षों की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा देश के वैभव को आगे बढ़ाने वाली रही है।
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