अमेरिका ने फिर हमला किया तो जंग हिंद महासागर तक फैल जाएगी

ईरान की गंभीर चेतावनी

अमेरिका ने फिर हमला किया तो जंग हिंद महासागर तक फैल जाएगी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जंग को अब नौ महीने पूरे हो गए हैं। हालांकि, अभी इस जंग के रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर के एक सीनियर सलाहकार ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने फिर हमला किया तो तेहरान इस लड़ाई को हिंद महासागर तक बढ़ा सकता है।

ईरानी न्यूज़ एजेंसी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सीनियर सलाहकार याह्या रहीम सफवी का एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में रहीम सफवी ने कहा है कि, “यह लड़ाई फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट से लाल सागर तक फैल गई है। इसलिए, अगर एक और जंग होती है, तो इस लड़ाई के हिंद महासागर तक और शायद उससे भी आगे फैलने की संभावना है।” ईरान ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट से लाल सागर तक शिपिंग ट्रैफिक काफी हद तक बाधित हो गया है।

ईरानी अधिकारियों ने बार-बार चेतावनी दी है कि अमेरिका की कोई भी नई मिलिट्री कार्रवाई पूरे इलाके में अमेरिकी हितों और संपत्तियों के खिलाफ बदले की कार्रवाई का कारण बन सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने भी सोमवार को कहा कि अगर उसे फिर से खतरा हुआ तो वह अपनी मिलिट्री स्ट्रैटेजी और टारगेट बदल सकता है।

हिंद महासागर दुनिया के पांच समुद्री इलाकों में तीसरा सबसे बड़ा है। यह लगभग 70.5 मिलियन वर्ग किलोमीटर (27.2 मिलियन वर्ग मील) के एरिया में फैला है, जो धरती के पानी की सतह का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा है। इसके उत्तर में एशिया है, जिसमें भारत, ईरान, पाकिस्तान और बांग्लादेश शामिल हैं।

हिंद महासागर फारस की खाड़ी को भारत सहित एशिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से जोड़ता है। दुनिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार रास्ते इसी महासागर से होकर गुजरते हैं। भारत हिंद महासागर के उत्तरी हिस्से में है और खाड़ी, अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ इसके बड़े समुद्री व्यापार संबंध हैं। अगर यह संघर्ष हिंद महासागर तक फैलता है, तो इससे शिपिंग, इंश्योरेंस, एनर्जी सप्लाई और क्षेत्रीय व्यापार के लिए खतरा बढ़ सकता है। अमेरिका-ईरान युद्ध का असर पहले से ही भारत पर पड़ रहा है। तेल, LPG और शिपिंग की बढ़ती कीमतों से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है।

इन ट्रेड रूट्स में से एक बाब-अल-मंडेब स्ट्रेट है। यह स्ट्रेट लाल सागर को अदन की खाड़ी और फिर हिंद महासागर से जोड़ता है।

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