उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जो वोट चोरी की बात कर रहे हैं, वो खुद जनादेश से सीना जोरी कर रहे हैं। राहुल गांधी हवा-हवाई बाते करते हैं, उनकी पूरी राजनीति का पैटर्न ही हवा-हवाई है। राहुल गांधी एक ऐसे नेता हैं, जिनके बारे में हर बात हवा हवाई है। वो पहले आरोप लगाते हैं और फिर अदालत में जाकर माफी मांगते हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले राष्ट्रपति मुर्मु के पास गए, वहां भी उनसे जब शिकायत के साथ प्रमाण मांगे गए तो वो बगलें झांकने लगे। फिर वो मुख्य न्यायाधीश के पास गए तो उन्होंने कह दिया कि आप सर्वोच्च अदालत को राजनीति का अखाड़ा नहीं बना सकते हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का एक ही फंडा है, राज नहीं तो अराजकता फैला दो।
उन्होंने कहा कि देश को जनता को कोर्ट के सामने अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है लेकिन कांग्रेस अपने आप को सभी संवैधानिक संस्थाओं से ऊपर मानती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का बैलेट पेपर लूटने और पोलिंग बूथ कैप्चर करने का इतिहास रहा है, यही वजह है कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी के तमाम नेता और बैलेट पेपर पर चुनाव कराने की मांग करते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष का अधिकार आरोप लगाना है तो उन आरोपों के प्रमाण देना भी विपक्ष की ही जिम्मेदारी है। लोकतंत्र में जवाबदेही केवल सरकार की ही नहीं नेता प्रतिपक्ष की भी है। उन्होंने कहा कि जनादेश पसंद आए तो लोकतंत्र, चुनाव हार जाएं तो वोट चोरी। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है लेकिन जनादेश को बदनाम करने का लाइसेंस नहीं है।



