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Thursday, October 22, 2026
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बंगाल में फाल्टा सीट छोड़ बाकी चुनाव प्रक्रिया पूरी, विशेष पर्यवेक्षक कार्यमुक्त! 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक सूत्र ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों अधिकारियों को आयोग की ओर से कार्यमुक्ति पत्र जारी कर दिया गया है।

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की प्रक्रिया फाल्टा विधानसभा सीट को छोड़कर पूरी होने के बाद चुनाव आयोग (ईसीआई) ने राज्य के लिए नियुक्त विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुभ्रत गुप्ता और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक एन.के. मिश्रा को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक सूत्र ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों अधिकारियों को आयोग की ओर से कार्यमुक्ति पत्र जारी कर दिया गया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 कई मायनों में खास रहा। राज्य में पहले चुनावों के दौरान हिंसा का इतिहास रहा है, लेकिन इस बार मतदान अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा। इसके अलावा रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत भी देखने को मिला।

चुनाव आयोग ने इस उपलब्धि के पीछे तीन अधिकारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण माना है, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर पूरी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और समन्वय किया। इनमें पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुभ्रत गुप्ता और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक एन.के. मिश्रा शामिल हैं।

इसी बीच, चुनाव आयोग ने गुरुवार को फाल्टा विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर पूरे पश्चिम बंगाल में आदर्श आचार संहिता भी हटा ली। दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान कराया जाएगा और मतगणना 24 मई को होगी।

दरअसल, 4 मई को पश्चिम बंगाल की 294 में से 293 विधानसभा सीटों की मतगणना कराई गई थी। फाल्टा सीट पर मतगणना नहीं हुई। चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद पूरे फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया था।

गुरुवार को एक और अहम घटनाक्रम में कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवज्ञानम ने उस अपीलीय न्यायाधिकरण के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया, जो विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहा था।

न्यायमूर्ति शिवज्ञानम (सेवानिवृत्त) सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कलकत्ता हाईकोर्ट के तीन सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति का भी नेतृत्व कर रहे थे, जिसे अपीलीय न्यायाधिकरण की कार्यप्रणाली की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

अपने इस्तीफे में न्यायमूर्ति शिवज्ञानम ने निजी कारणों का हवाला दिया है।

 
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