अराजकता-भ्रष्टाचार का पर्याय है इंडी गठबंधन : गौरव वल्लभ!

राजद और इंडी गठबंधन को अराजकता, भ्रष्टाचार और परिवारवाद का पर्याय बताया और कहा कि उनका एजेंडा रोजगार नहीं है, बल्कि गालियां और व्यक्तिगत हमले ही उनके हथियार हैं।

अराजकता-भ्रष्टाचार का पर्याय है इंडी गठबंधन : गौरव वल्लभ!

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भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने राजद और इंडी गठबंधन को अराजकता, भ्रष्टाचार और परिवारवाद का पर्याय बताया और कहा कि उनका एजेंडा रोजगार नहीं है, बल्कि गालियां और व्यक्तिगत हमले ही उनके हथियार हैं।

भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “राजद, इंडी गठबंधन और दूसरी पार्टियां सिर्फ अराजकता, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की पहचान बन गई हैं।

उनके पास विकास या रोजगार के लिए कोई एजेंडा नहीं है। उनका एकमात्र एजेंडा भाई-भतीजावाद और प्रधानमंत्री और उनके परिवार को गाली देना है। जितनी वो गाली दे रहे हैं, बिहार की जनता यह सब देख रही है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर भाजपा नेता वल्लभ ने कहा, “जब भी प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं, तो वे देश को एक नई दिशा देते हैं।

कल से नई जीएसटी दरें लागू हो रही हैं। सिगरेट, गुटखा और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स को छोड़ दें तो अधिकांश वस्तुओं के दाम इन नई दरों से कम होंगे। मैं नहीं जानता कि पीएम मोदी किस मुद्दे पर देश के सामने अपनी बात रखेंगे, लेकिन पूरे देश को उनके संबोधन का इंतजार है। वे देश को जब भी संबोधित करते हैं, नई दिशा देते हैं।”

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव को विपक्ष का चेहरा बनाने के प्रयासों पर गौरव वल्लभ ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “तेजस्वी अभी तक अपने परिवार में ही नेता नहीं बन पाए हैं। उनके भाई-बहन उन्हें अपना नेता नहीं मानते हैं और मुझे लगता है कि लालू यादव भी आने वाले दिनों में उन्हें नेता नहीं मानेंगे। तेजस्वी से मेरा यही आग्रह है कि बिहार को छोड़िए, पहले अपने घरवालों को ही नेता मानने के लिए मनाएं।”

भाजपा विधायक द्वारा ओडिशा के स्कूलों में भगवद्गीता के पाठ को पाठ्यक्रम में शामिल करने के प्रस्ताव पर गौरव वल्लभ ने कहा, “भगवद्गीता पढ़ना और आत्मसात करना गलत नहीं है, क्योंकि इसमें जीवन की हर समस्या का समाधान और मार्गदर्शन है।

अगर कोई व्यक्ति भगवद्गीता पढ़ना और समझना चाहता है, तो जीवन जीने की कला आती है और हर जीवन की समस्या का समाधान मिलता है।”

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