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Sunday, March 15, 2026
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भारत विश्व महाशक्तियों की सूची में शामिल होने का हकदार है रूस के राष्ट्रपति पुतिन !

इस दौरान पुतिन ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सोवियत संघ की भूमिका पर भी प्रकाश डाला|  उन्होंने यह भी कहा, ''भारत को विश्व महाशक्तियों की सूची में शामिल किया जाना चाहिए|

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, “भारत की अर्थव्यवस्था किसी भी अन्य देश की तुलना में तेजी से बढ़ रही है और भारत विश्व महाशक्तियों की सूची में शामिल होने का हकदार है।” वह सोची में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।वह सोची में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। पुतिन ने कहा, ”रूस भारत के साथ हर तरफ से रिश्ते मजबूत कर रहा है और दोनों देशों के बीच काफी भरोसा है|

भारत की जनसंख्या विश्व में सबसे अधिक है। इसमें हर साल एक करोड़ की बढ़ोतरी हो रही है। एक अरब से अधिक की आबादी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, प्राचीन संस्कृति और आशाजनक भविष्य के साथ, भारत को निस्संदेह महाशक्तियों की सूची में शामिल किया जाना चाहिए।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा, ”भारत दशकों से विभिन्न क्षेत्रों में हमारा मित्र और भागीदार रहा है|इस दौरान पुतिन ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सोवियत संघ की भूमिका पर भी प्रकाश डाला|उन्होंने यह भी कहा, ”भारत को विश्व महाशक्तियों की सूची में शामिल किया जाना चाहिए|भारत उस सम्मान का हकदार है|डेढ़ अरब की आबादी वाले इस देश की विकास दर भी तेज है|उनकी एक प्राचीन संस्कृति है|साथ ही, विकास की भी काफी संभावनाएं हैं।”

व्लादिमीर पुतिन ने क्या कहा?: सोची में वल्दाई डिस्कशन क्लब को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा, “भारत एक महान देश है।इस महान देश के साथ हमारे दशकों से अच्छे संबंध रहे हैं। मॉस्को और नई दिल्ली विभिन्न क्षेत्रों में साझेदार हैं और दिन-ब-दिन इस साझेदारी को बढ़ा रहे हैं।

भारत की जीडीपी 7.4 फीसदी की दर से बढ़ रही है|विभिन्न क्षेत्रों में हमारा सहयोग बढ़ रहा है|भारत की आजादी के बाद से, दोनों देशों ने गुणवत्ता, विश्वास और सहयोग पर आधारित एक अनूठा रिश्ता बनाया है। इन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 60 अरब डॉलर का अनुमान है।”दो हफ्ते पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस का दौरा किया था|उन्होंने रूस के कज़ान में आयोजित 16वें ‘ब्रिक्स’ शिखर सम्मेलन में भाग लिया। उस वक्त व्लादिमीर पुतिन ने रूस और भारत के करीबी रिश्तों पर टिप्पणी की थी|

पुतिन ने उस समय कहा था कि मॉस्को और नई दिल्ली के बीच संबंधों को विशेष विशेषाधिकार प्राप्त हैं और ये गतिशील रूप से विकसित हो रहे हैं।पुतिन ने कहा, “हमारे संबंध इतने घनिष्ठ हैं कि हमें किसी अनुवादक की जरूरत नहीं है।” पुतिन की टिप्पणी का हिंदी अनुवाद सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भी हंस पड़े|

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