जारी बयान के मुताबिक भारत सरकार की ये सोच है कि यह समय पर दी गई मदद मालदीव सरकार के टीकाकरण अभियान को मजबूत करने और खसरे के बढ़ते मामलों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, इससे देश की स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।
इसमें आगे कहा गया कि, यह सहायता मालदीव में बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान और वहां के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भेजी गई है। भारत ने भरोसा जताया कि यह सहयोग बीमारी के प्रसार को रोकने और टीकाकरण कवरेज बढ़ाने में मदद करेगा।
भारत ने दोहराया कि मालदीव उसकी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘विजन महासागर’ के तहत विशेष महत्व रखता है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं।
भारत ने स्वयं को एक विश्वसनीय “फर्स्ट रिस्पॉन्डर” बताते हुए कहा कि वह संकट या आवश्यकता के समय अपने पड़ोसी देशों के साथ खड़ा रहने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी भावना के तहत भारत मालदीव सरकार के साथ साझा प्राथमिकताओं पर मिलकर काम करता रहेगा।
मालदीव की हेल्थ प्रोटेक्शन एजेंसी (एचपीए) ने 13 मई को मालदीव में खसरे के दोबारा दस्तक देने की जानकारी दी थी। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने संक्रमण के स्रोत और संभावित प्रसार का पता लगाने के लिए जांच शुरू की।
हाल के वर्षों में भारत ने मालदीव को स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आपदा राहत सहित कई क्षेत्रों में सहायता प्रदान की है।
