उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से तो सिर्फ हमारी छोटी-मोटी वस्तुओं पर ही टैरिफ लगाया जा रहा है। भारत को भी उस पर टैरिफ लगाना चाहिए। भारत की ओर से काउंटर टैरिफ निश्चित रूप से अमेरिका को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिका पर कई देशों ने काउंटर टैरिफ लगाया, लेकिन यह अफसोस की बात है कि केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक किसी भी प्रकार का काउंटर टैरिफ नहीं लगाया गया है। फिलहाल, मौजूदा स्थिति को देखकर ऐसा लग रहा है कि भारत की विदेश नीति और अर्थनीति पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है। सरकार को फौरन कोई ना कोई कदम उठाना चाहिए।
इसके अलावा, सौरभ भारद्वाज के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी को कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी जब इंडिया ब्लॉक से बाहर हो गई, तो जांच एजेंसियों की कार्रवाई इस पार्टी के नेताओं के खिलाफ रुक गई।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को यह जवाब देना चाहिए कि अब जिन-जिन विपक्षी पार्टियों के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उसमें किस नेता का क्या हुआ? लेकिन अफसोस, आज की तारीख में ईडी के पास इसका जवाब नहीं है। जो भी नेता भाजपा में शामिल हो गया, तो ईडी ने उसके खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी और जो विपक्ष में शामिल रहा, उसके खिलाफ कार्रवाई जारी रही।
वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से अखंड भारत की बात कहे जाने पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि आखिर हमारे देश में दलितों के साथ भेदभाव क्यों होता है? किसी मुस्लिम को गाय के नाम पर क्यों मारा जाता है?
साथ ही, उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतिहास बड़ा ही क्रूर होता है। वो सच्चाई बयां करता है। इसका आत्मचिंतन आरएसएस प्रमुख को करना चाहिए। भाजपा की विचारधारा समाज को बांटने की है। हिंदू-मुस्लिम के बीच में नफरत पैदा करने की है, दलित आदिवासियों को बांटने की है और मौजूदा समय में भाजपा भी यही कर रही है।
भविष्य के युद्ध तकनीक और कूटनीति का मिश्रण होंगे : राजनाथ सिंह!



