प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (5 मार्च) को कहा कि भारत का भविष्य इनोवेशन में निवेश से तय होगा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष के बजट में एआई से जुड़ी शिक्षा और अनुसंधान के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। साथ ही, देश में एआई क्षमता विकसित करने के लिए नेशनल लार्ज लैंग्वेज मॉडल स्थापित करने की योजना पर काम हो रहा है।
पीएम मोदी ने निजी क्षेत्र से आग्रह किया कि वे इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने पोस्ट-बजट वेबिनार में कहा था, “दुनिया एक ऐसे विश्वसनीय, सुरक्षित और लोकतांत्रिक राष्ट्र की प्रतीक्षा कर रही है, जो किफायती एआई समाधान उपलब्ध कराए।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज एआई क्षेत्र में किया गया निवेश भविष्य में बड़े लाभ लेकर आएगा।
पीएम मोदी ने कहा है कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए इस बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनमें रिसर्च और इनोवेशन के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के फंड की व्यवस्था शामिल है।
इसके अलावा, ‘डीप टेक फंड ऑफ फंड्स’ के तहत नई तकनीकों में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने आईआईटी और आईआईएससी में 10,000 रिसर्च फेलोशिप प्रदान करने की योजना का भी उल्लेख किया, जिससे उभरती प्रतिभाओं को शोध के बेहतर अवसर मिलेंगे।
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प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2015 से 2025 के बीच भारत की अर्थव्यवस्था में 66% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह 3.8 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह विकास दर दुनिया की कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आगे है और वह दिन दूर नहीं जब भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करेगा।



