ईरान की नई साइबर रणनीति के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सामने आए हैं, जिसका उद्देश्य घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अपने प्रभाव को बढ़ाना है। यह कदम विशेष रूप से हालिया क्षेत्रीय तनावों और 2026 के ईरान-अमेरिका संकट के दौरान ईरान की साइबर क्षमताओं में बदलाव को दर्शाता है।
ईरान की इस नई साइबर रणनीति के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:-
रणनीतिक लॉन्च: “70 वेब लॉन्च” का उद्देश्य सरकारी सेवाओं और सूचना तंत्र को अधिक सुरक्षित और प्रभावशाली बनाना है। इसमें BadeSaba जैसे लोकप्रिय ऐप्स और अन्य सरकारी पोर्टलों का आधुनिकीकरण शामिल है, जिनका उपयोग हाल ही में सूचना युद्ध (Information Warfare) के लिए किया गया है।
घरेलू नियंत्रण और सुरक्षा: ईरान ने अपनी रणनीति में “इंटरनेट किल स्विच” और स्थानीय इंटरनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है ताकि विदेशी साइबर हमलों के दौरान घरेलू प्रणालियों को सुरक्षित रखा जा सके।
हाइब्रिड वारफेयर : विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान की नई रणनीति घरेलू निगरानी को बाहरी ऑपरेशनों के साथ जोड़ती है। इसमें प्रॉक्सी हैकर्स और साइबर जासूसी (Cyber Espionage) का उपयोग करके प्रतिद्वंद्वी देशों, जैसे कि अमेरिका और इज़राइल के बुनियादी ढांचे (Critical Infrastructure) को निशाना बनाना शामिल है।
तकनीकी कूटनीति: ईरानी संचार मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी कूटनीति को अपनी शीर्ष चार रणनीतिक प्राथमिकताओं में रखा है, जिसका लक्ष्य 2026 तक डिजिटल अर्थव्यवस्था की जीडीपी में 10% हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है।
मनोवैज्ञानिक युद्ध: इन नए वेब प्लेटफॉर्म्स और ऐप्स का उपयोग जनता की राय को प्रभावित करने और विरोधियों को डराने के लिए किया जा रहा है।
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