आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी गुरुवार (20 नवंबर)को हैदराबाद के नामपल्ली स्थित सीबीआई अदालत में अवैध संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले में पेश हुए। यह पेशी अदालत द्वारा तय की गई 21 नवंबर की समयसीमा से एक दिन पहले हुई। पिछले महीने जगन को सीबीआई कोर्ट से यूरोप यात्रा की अनुमति मिली थी, लेकिन अदालत ने साफ निर्देश दिया था कि भारत लौटने के तुरंत बाद उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा। वापसी के बाद जगन ने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट या ऑनलाइन शामिल होने की अनुमति मांगते हुए याचिका दायर की।
सीबीआई ने जगन की याचिका का कड़ा विरोध किया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि जगन लगभग छह साल से इस मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए, जबकि मामले में दैनिक सुनवाई चल रही है। अभियोजन पक्ष ने कहा कि डिस्चार्ज याचिकाओं पर हो रही त्वरित सुनवाई के लिए आरोपी की व्यक्तिगत उपस्थिति ज़रूरी है। अदालत ने सीबीआई के तर्कों को स्वीकार करते हुए जगन की याचिका खारिज कर दी और निर्देश दिया कि 21 नवंबर तक हर हाल में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।
कोई विकल्प न बचने पर जगन आज अदालत में पेश हुए। जगन 2013 से इस मामले में जमानत पर हैं, जबकि सीबीआई की जांच को 10 साल से अधिक हो चुके हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक कार्यकाल के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत द्वारा व्यक्तिगत उपस्थिति पर जोर देने से मामले की सुनवाई अब तेज़ होने की संभावना है। अदालत आने वाले दिनों में डिस्चार्ज याचिकाओं पर सुनवाई जारी रखेगी, और आज की पेशी को इस लंबे समय से लंबित मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
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