सरकार ने प्रस्तावित ‘झारखंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नीति 2026-31’ की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। नीति के तहत शासन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन समेत विभिन्न क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार के अनुसार, राज्य में एआई आधारित निर्णय प्रणाली विकसित कर सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, त्वरित, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (सीएम-डीआईपी) स्थापित करने का प्रस्ताव है, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और विभागीय कार्यों की रियल टाइम निगरानी करेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (सीएम-डीआईपी), हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (एचएनवीएस) और क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (सीएमएएस) जैसी तीन प्रमुख एआई आधारित पहलों पर विशेष जोर दिया गया।
इन पहलों के माध्यम से अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और उद्योग-शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की योजना है। सरकार ने रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के आईटी पार्क की जानकारी भी साझा की। इसे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप और नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
सरकार ने एआई शिक्षा, उन्नत कौशल विकास, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी और सरकारी अधिकारियों तथा युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया। साथ ही प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप, निवेशकों और उद्योग जगत से झारखंड में एआई आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना, नवाचार कार्यक्रमों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास में साझेदारी का आह्वान किया।
