व्यवस्था बदले बिना छात्रों को न्याय असंभव: अखिलेश यादव का बड़ा बयान! 

संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादQव ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को उनके परिवारों का भी व्यापक समर्थन मिला|

व्यवस्था बदले बिना छात्रों को न्याय असंभव: अखिलेश यादव का बड़ा बयान! 

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समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि देश में छात्रों को न्याय तभी मिल सकता है, जब शिक्षा और शासन व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव किया जाए। संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादQव ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को उनके परिवारों का भी व्यापक समर्थन मिला, जिसकी वजह से यह आंदोलन इतना बड़ा बन गया कि आखिरकार केंद्र सरकार को उनकी मांगों के आगे झुकना पड़ा।

उन्होंने कहा कि केवल किसी मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवस्था की सोच और कार्यप्रणाली में भी बदलाव जरूरी है। अखिलेश यादव का यह बयान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के संदर्भ में आया। परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कई सप्ताह तक चले छात्र आंदोलन के बाद शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया था।

सपा प्रमुख ने कहा, “जब तक स्थापित व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव नहीं होगा, तब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा।” उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य में 20 से अधिक परीक्षा पत्र लीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि हालिया छात्र आंदोलन में शामिल अधिकांश युवा और छात्र उत्तर प्रदेश से थे।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि युवाओं के दबाव और जनसमर्थन के कारण केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के कई सांसदों को सरकार गिरने की आशंका सताने लगी थी, इसलिए सरकार को छात्रों की मांगें माननी पड़ीं।

उन्होंने कहा, “करीब 20 लाख छात्रों ने नीट परीक्षा दी थी। यानी उनके परिवारों समेत लगभग एक करोड़ लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए। यही वजह है कि सांसदों पर भी इसका राजनीतिक दबाव था और सरकार को झुकना पड़ा।”

सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मौजूद रहना चाहिए था, क्योंकि पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी युवाओं पर बर्बरता की।

उधर, लोकसभा में मंगलवार दोपहर 2 बजे पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हुई।

बहस की शुरुआत करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने परीक्षा में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर सख्त कानून लाकर यूपीए सरकार के अधूरे काम को पूरा किया है।

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