उन्होंने जिम में हुई एक दिलचस्प बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि हर इंसान को अपनी पसंद के मुताबिक जिंदगी जीने की आजादी है, लेकिन उसकी आजादी किसी दूसरे की जिंदगी या सुरक्षा के लिए खतरा नहीं बननी चाहिए।
कंगना राणावत ने रविवार को अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा, ”आज जिम में मेरी मुलाकात दो जेन जी लड़कियों से हुई। उन्होंने मुझसे कहा कि उनका जन्म डिजिटल युग में हुआ है और सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम, डेटिंग ऐप्स, एआई जैसी चीजें उनकी जिंदगी का हिस्सा हैं। मैंने उनसे कहा कि आपको अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने की पूरी आजादी है, लेकिन यह आजादी तब तक ही सही है, जब तक उससे किसी दूसरे व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।”
अपनी बात को समझाते हुए कंगना ने हाल के कुछ चर्चित अपराधों का जिक्र किया। उन्होंने केतन अग्रवाल मामले और ‘ब्लू ड्रम’ केस का उदाहरण देते हुए कहा, ”यह आजादी तब तक ही सही है, जब तक आप किसी दूसरे के बच्चे को चट्टान से नीचे नहीं फेंकते या उसके टुकड़े-टुकड़े नहीं करते।
कंगना का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है, जब वह पहले से ही जेन जी को लेकर दिए गए अपने एक बयान की वजह से विवादों में हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने जेन जी को ‘गटर जेनरेशन’ कहा था। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हुई थी।
दरअसल, यह पूरा विवाद कंगना राणावत के उन सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिनमें उन्होंने नई पीढ़ी और कुछ भारतीय महिलाओं पर तीखी टिप्पणी की थी। पोस्ट में कंगना ने जेन जी की परवरिश पर भी सवाल उठाए थे।



