कर्नाटक में विधायकों को वेतन वृद्धी के मात्र एक साल में नई सुविधा मुहैया कराइ गई है, जो देशभर में चर्चा का कारण बनी है। राज्य के सभी विधायकों को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) मैचों के लिए मुफ्त टिकट दिए जाएंगे। कांग्रेस सरकार के इस फैसले पर ‘VIP कल्चर’ और नेताओं को मिलने वाली सुविधाओं पर बहस तेज हो गई है।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार(30 मार्च) को बताया कि प्रत्येक विधायक को IPL मैचों के लिए 3 मुफ्त टिकट दिए जाएंगे। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए 2 टिकट मिलेंगे, और अतिरिक्त टिकट खरीदने का विकल्प भी रहेगा।
दरअसल विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादेर ने शिकायत की कि विधायकों के साथ कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ द्वारा “असम्मानजनक व्यवहार” किया गया। इसके बाद सरकार और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत हुई। इस बैठक में वेंकटेश प्रसाद (KCA अध्यक्ष) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के सीईओ भी शामिल हुए, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
इस फैसले पर विपक्ष की ओर से भी सवाल उठे हैं। भाजपा विधायक एस सुरेश कुमार ने इसे “VIP कल्चर” करार देते हुए मुफ्त टिकट लेने से इनकार कर दिया। शिवकुमार ने हालांकि कहा कि यह व्यवस्था वैकल्पिक है। उन्होंने कहा, “जो विधायक टिकट नहीं लेना चाहते, वे स्पीकर को लिखकर मना कर सकते हैं, हम उनकी इच्छा का सम्मान करेंगे।”
VIDEO | Bengaluru, Karnataka: Deputy CM DK Shivakumar says that RCB, the Karnataka State Cricket Association, DNA, and all concerned parties have agreed to provide three tickets each for IPL matches to legislators.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/hiW4DEr9iJ
— Press Trust of India (@PTI_News) March 30, 2026
कर्नाटक सरकार के फैसले के बाद विधायकों को मिलने वाला वेतन और सुविधाएं चर्चा में है।
मुफ्त टिकट बांटने के फैसले एक साल पहले 2025 में कर्नाटक सरकार ने विधायकों के वेतन और भत्तों में भारी बढ़ोतरी की थी। कानून में संशोधन के बाद, विधायकों की बेसिक सैलरी ₹80,000, पेंशन ₹75,000 + ₹20,000 अतिरिक्त, मेडिकल भत्ता ₹10,000, कुल वेतन ₹2 लाख से अधिक प्रति माह किया गया। अन्य भत्तों और सुविधाओं को जोड़ने पर कुल लाभ ₹3–4 लाख प्रतिमाह तक पहुंचता है।
अन्य सुविधाएं भी व्यापक
कर्नाटक के विधायकों को वेतन के अलावा कई अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं, बैंगलुरु में आवास या किराया भत्ता, मुफ्त बस और ट्रेन यात्रा,हर 6 महीने में ₹2.5 लाख का यात्रा भत्ता, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज, परिवार के लिए स्वास्थ्य बीमा।
मुफ्त IPL टिकट देने के फैसले ने इसलिए बहस छेड़ दी है क्योंकि, IPL टिकट आम जनता के लिए महंगे और सीमित होते हैं। स्टेडियम की क्षमता सीमित होती है। विधायकों को पहले से ही कई सरकारी सुविधाएं मिलती हैं। ऐसे में आलोचकों का कहना है कि यह ‘VIP कल्चर’ जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच दूरी बढ़ाता है।
शिवकुमार ने कहा कि अन्य राज्यों में इससे भी ज्यादा टिकट सरकारी प्रतिनिधियों को दिए जाते हैं। उन्होंने कहा,“हमने राजस्थान, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और गुजरात जैसे राज्यों से जानकारी ली है, जहां 50-60% टिकट सरकारी अधिकारियों को दिए जाते हैं।” फिलहाल, यह मुद्दा केवल टिकट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बहस का विषय बन गया है कि जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाओं की सीमा क्या होनी चाहिए।
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