“कर्पूरी ठाकुर को जननायक ट्रोल टीम ने नहीं, बिहार की जनता ने बनाया”

PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज

“कर्पूरी ठाकुर को जननायक ट्रोल टीम ने नहीं, बिहार की जनता ने बनाया”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 अक्टूबर) को युवाओं के लिए 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई नई योजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बिहार के विकास, शिक्षा सुधार और रोजगार सृजन को लेकर कई घोषणाएँ कीं, साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बिना नाम लिए तीखा हमला भी बोला।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कर्पूरी ठाकुर का उल्लेख करते हुए कहा, “कर्पूरी ठाकुर जी को ‘जननायक’ सोशल मीडिया की ट्रोल करने वाली टीम ने नहीं बनाया है। उन्हें जननायक, बिहार के जन-जन ने बनाया और उनके जीवन के आदर्शों को देखकर बनाया।”

उन्होंने आगे कहा कि आज कुछ लोग ‘जननायक’ की उपाधि को भी हड़पने में लगे हैं। “मैं बिहार के लोगों से कहूँगा कि चौकन्ना रहिए। यह ‘जननायक’ पद कर्पूरी ठाकुर से ही शोभायमान है। आजकल लोग ‘जननायक’ की भी चोरी करने में लगे हैं। इसलिए मैं बिहार के लोगों से आग्रह करता हूँ कि कर्पूरी ठाकुर को जनता की तरफ से दिया गया सम्मान कोई चोरी न कर जाए।”

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह टिप्पणी सीधे तौर पर राहुल गांधी की हालिया रैलियों और “जननायक यात्रा” अभियान की ओर इशारा थी, जिसमें वे खुद को जननायक के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आरजेडी शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा ने बिहार से बड़े पैमाने पर पलायन को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने राज्य में शिक्षा, उद्योग और अवसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है।

“पहले की सरकारों ने बिहार की प्रतिभा को दबाया, लेकिन आज हम उसी बिहार को नई ऊँचाइयों पर देख रहे हैं। एनडीए की सरकार में विकास की गाड़ी अब रुकने वाली नहीं है।” पीएम मोदी ने इस मौके पर ‘भारत रत्न’ कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे गरीब और पिछड़े वर्गों की आवाज़ थे।

“कर्पूरी ठाकुर ने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा और शिक्षा के विस्तार में लगाया। उन्होंने हमेशा कहा कि समाज का सबसे कमजोर व्यक्ति भी आगे बढ़े। उनके नाम पर बनने वाली यह स्किल यूनिवर्सिटी, उनके उसी सपने को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेगी।”

उन्होंने कहा कि ठाकुर को भारत रत्न देना केंद्र सरकार के लिए गर्व का विषय है और यह सम्मान बिहार की जनता की भावनाओं का प्रतीक है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बिहार का भविष्य शिक्षा, कौशल और स्वदेशी विकास में निहित है। “केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बिहार को नई ऊँचाइयों पर ले जा रही हैं। अब कोई ताकत बिहार के युवाओं को अवसरों से वंचित नहीं कर सकती।”

अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं से स्वदेशी सोच अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से पीएम मोदी ने न केवल बिहार को नई योजनाओं का तोहफा दिया, बल्कि राजनीतिक मंच से कांग्रेस और राहुल गांधी पर अप्रत्यक्ष प्रहार करते हुए यह स्पष्ट संदेश भी दिया कि ‘जननायक’ की असली पहचान जनता तय करती है, न कि प्रचार टीम।

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