उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में बीते वर्ष देश के तेज प्रगति के विकास के वर्ष रहे हैं। जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग के लिए उनके जीवन में परिवर्तन का ये कालखंड रहा है। एक सही दिशा में तेज गति से देश आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति मुर्मु ने बहुत ही बढ़िया तरीके से पूरी संवेदनशीलता के साथ इस विषय को हम सबके सामने प्रस्तुत किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु ने इस देश के मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि, सभी विषयों को विस्तार से रखते हुए भारत की प्रगति का एक स्वर संसद में गुंजाया है। देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इसकी भी विस्तार से चर्चा की है। हर वर्ग के सामर्थ्य को उन्होंने शब्दांकित किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक विश्वास व्यक्त किया है। ये हम सभी के लिए प्रेरक है।
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है, लेकिन यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही निर्णायक है, जैसे पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर निर्णायक रहा था। मैं साफ-साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ये दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है, उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ने वाला है।
उन्होंने कहा कि आज, विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में, भारत उल्लेखनीय रूप से उच्च विकास दर का अनुभव कर रहा है। तीव्र विकास और कम मुद्रास्फीति का यह दुर्लभ संयोजन हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलेपन का प्रमाण है।
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