खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, भारत के ‘छात्रों की गूंज’ आखिरकार अहंकारी सत्ता की दहलीज तक पहुंच गई। ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है, जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज उठाई। ये सत्य की जीत है और पीएम मोदी के हठ की हार है। ये उन सभी परिवारों की जीत है जिन्होंने अपने खून, अपने बच्चों को खोया, क्योंकि यह सरकार भ्रष्टाचारी है।
एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं ने लगातार 28 दिनों तक जो संघर्ष और दृढ़ संकल्प दिखाया, वह वाकई तारीफ के काबिल है।
एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने एक्स पोस्ट में लिखा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, छात्रों और विपक्ष के लगातार दबाव के बाद ही आया है। मैं नीट यूजी मुद्दे पर डटे रहने वाले हर प्रदर्शनकारी को बधाई देती हूं। लेकिन यह अंत नहीं हो सकता। हम असल जवाबदेही, व्यापक शैक्षिक सुधार और संसद में नीट मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग करते हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने एक्स पोस्ट में कहा कि यह भारत के युवाओं की जीत है। आपकी ताकत ने धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया। यह जनता की जीत है, उन सभी लोगों की जीत है जिन्होंने हमारे सिस्टम में जवाबदेही के लिए लड़ाई लड़ी।
हमारी अन्य मांगें हैं कि हमारे छात्रों पर हमला करने वालों को सजा मिले और छात्रों को जो परेशानियां झेलनी पड़ीं, उसके लिए पीएम माफी मांगें। हालांकि, शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए हमारा आंदोलन जारी रहेगा। जब तक हम सिस्टम में निष्पक्षता नहीं लाते, छात्रों पर दबाव कम नहीं करते और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं करते, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।
देशभर के उन लाखों छात्रों को बहुत-बहुत सलाम जिन्होंने इस सरकार को अपनी इच्छा के आगे झुकने पर मजबूर किया और राहुल गांधी को भी, जो उनके मुद्दे के सबसे मुखर, सच्चे और प्रतिबद्ध समर्थक बने रहे।
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