कल्याण बॅनर्जी का शर्मनाक बयान, “अगर दोस्त ही दोस्त का रेप करे तो पुलिस क्या करे?”

बीजेपी ने बताया शर्मनाक

कल्याण बॅनर्जी का शर्मनाक बयान, “अगर दोस्त ही दोस्त का रेप करे तो पुलिस क्या करे?”

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साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज की एक छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामले पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी के विवादित बयान ने राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। श्रीरामपुर से सांसद बनर्जी ने एक सवाल के जवाब में कहा, “अगर दोस्त ही दोस्त का रेप करे तो पुलिस क्या कर सकती है? क्या स्कूलों में पुलिस बैठाई जाएगी?” इस बयान को बीजेपी ने “शर्मनाक” और पीड़िता की पीड़ा का मजाक करार दिया है।

कल्याण बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, “जो भी अपराध करे, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। लेकिन अगर कोई दोस्त अपनी दोस्त का बलात्कार करता है तो इसे भ्रष्टाचार कैसे कहा जा सकता है?” उन्होंने आगे कहा, “असली लड़ाई महिलाओं को विकृत मानसिकता वाले पुरुषों के खिलाफ लड़नी चाहिए, न कि किसी संस्था के खिलाफ।”

यह बयान ऐसे समय आया है जब एक 24 वर्षीय लॉ स्टूडेंट ने आरोप लगाया है कि उसे कॉलेज कैंपस के भीतर स्थित गार्ड रूम में बुलाकर तीन युवकों ने उसका बलात्कार किया। मुख्य आरोपी मोनोजित मिश्रा एक पूर्व छात्र और वकील है, जबकि अन्य दो आरोपी कॉलेज के वर्तमान छात्र हैं।

पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसे कमरे में बंद कर के रेप किया गया, जबकि बाकी दो बाहर खड़े रहे। उसे हॉकी स्टिक से मारा गया, सांस लेने के लिए इनहेलर मांगा तो इनकार कर दिया गया, और धमकी दी गई कि मुंह खोला तो जान से मार देंगे। डॉक्टरों की रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर काटने, खरोंच और ज़बरदस्ती के निशान मिले हैं।

राजनीतिक जुड़ाव पर विवाद:

मोनोजित मिश्रा के टीएमसी छात्र संगठन TMCP से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद मामला और गरमाया। पीड़िता के मुताबिक, “वो कॉलेज यूनिट का नेता था, सभी उसकी बात मानते थे।” सोशल मीडिया पर मिश्रा की तस्वीरें TMC नेताओं अभिषेक बनर्जी और चंद्रिमा भट्टाचार्य के साथ वायरल हो रही हैं।

शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा, “जब आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज की इंटर्न के साथ रेप हुआ था, तब पूरा बंगाल ‘रात जागो’ आंदोलन में सड़कों पर उतर आया था। अब कल्याण बनर्जी उसी आंदोलन का मजाक उड़ाते हैं और बेहिचक कहते हैं कि अगर कॉलेज में रेप होता है, तो सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती।”

बीजेपी ने कटाक्ष करते हुए कहा, “पुलिस ममता बनर्जी और टीएमसी नेताओं के लिए छाता पकड़ सकती है, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकती? यही शर्मनाक सोच बंगाल की महिलाओं को असुरक्षित और अनसुना महसूस करवा रही है।” बीजेपी ने कल्याण बनर्जी के बयान का वीडियो क्लिप भी जारी कर उनके बयान की निंदा की है।

तृणमूल का डैमेज कंट्रोल:

मामले की तीव्र प्रतिक्रिया के बाद बंगाल की महिला और बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने सफाई दी कि “पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है, दोषियों को सजा मिलेगी, चाहे वह किसी भी दल से जुड़े हों।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने महिला सुरक्षा से संबंधित अपराजिता बिल को संसद में पारित नहीं होने दिया।

साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज की इस शर्मनाक घटना ने राज्य की राजनीति और छात्र राजनीति में महिला सुरक्षा की गंभीरता पर बहस छेड़ दी है। सांसद कल्याण बनर्जी के बयान ने इस बहस को और गहरा कर दिया है, जहां राजनीति, सत्ता और अपराध का खतरनाक गठजोड़ उजागर होता नजर आ रहा है।

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