हैदराबाद में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता माधवी लता ने कहा कि सबसे पहले तो मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि वे सड़कों पर इस तरह क्यों घूम रहे हैं? ऐसा लगता है कि वे वहां से गुजरने वाले कांवड़ियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। मैं इस मुद्दे पर और बहस नहीं करना चाहती, लेकिन साजिद रशीदी से एक सवाल पूछना चाहती हूं कि वे कौन से आतंकवादी थे, जिन्होंने चिकन खाया और उसकी हड्डियां गंगा में फेंक दीं?
उन्होंने कहा कि यह जो मजहब के नाम पर दरार लाने वाले लोग हैं, उन्हें मैं मुसलमान नहीं कहूंगी। ये मुसलमान हैं ही नहीं। ये आत्मघाती आतंकवादी हैं। भारत के खिलाफ बात करने वाले हैं। इन्हें हिंदू-मुसलमान की एकता देखी नहीं जा रही। ऐसे लोगों को देश से बाहर कर देना चाहिए। हिंदुओं के त्योहार और हिंदू भक्तों पर बोलने वाले ऐसे लोगों को भारत में रहने का हक नहीं है। उन्हें सलाह है कि वे भारत से बाहर चले जाएं, नहीं तो आगे जाकर बहुत मुश्किल हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए बयान पर माधवी लता ने कहा कि शायद उनका मतलब कुछ ऐसा ही था। असल में कुरान क्या सिखाता है या इस्लाम किसी बच्चे को कैसा बना देता है।
उन्होंने आगे कहा कि उसे न तो अंग्रेजी की शिक्षा मिलती है और न ही उसमें इतनी काबिलियत होती है कि वह दुनिया में जाकर अपनी रोजी-रोटी कमा सके। क्या उनके साथ अन्याय नहीं हो रहा है। ऐसे बच्चे की सोच कैसी होगी। वह कैसा बनेगा।



