“जिन्होंने सब कुछ दिया और दिया कुछ नहीं…”, आदित्य का एकनाथ शिंदे पर हमला !
मैं हर सभा में एकनाथ शिंदे का सम्मान करता था। जब सत्ता में थी तब मैंने विपक्षी पार्टी की कभी आलोचना नहीं की। विपक्षी दल में हो या सत्ता पक्ष में, टू द प्वाइंट बोलना चाहिए। अब राजनीति में क्या हो रहा है? आदित्य ठाकरे ने भी कहा है कि मुद्दे को छोड़कर हर कोई बात कर रहा है|
Team News Danka
Updated: Thu 13th April 2023, 06:47 PM
"Who gave everything and gave nothing...", Aditya's attack on Eknath Shinde!
एकनाथ शिंदे की बगावत पर आदित्य ठाकरे ने कमेंट किया है। जिन्हें हमने सब कुछ दिया वे चले गए। जिन्होंने कुछ नहीं दिया उनके साथ रहे। जिनको हम परिवार मानते थे। आदित्य ठाकरे ने कहा है कि इतना विश्वास देने के बाद भी वो लोग चले गए| आदित्य ठाकरे एक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। उस समय उन्होंने एकनाथ शिंदे और अन्य विषयों पर टिप्पणी की।
नौ महीने पहले जो हुआ उसके बाद हमारे पास सोचने का समय नहीं था। जब मैं अकेला होता हूं तो इस बारे में सोचता हूं तो मुझे दुख होता है। तभी दिमाग में एक और बात आती है कि मेरे पिता यानी उद्धव ठाकरे को इस बात का कितना बुरा लगा होगा, क्योंकि तुमने उस आदमी को चाकू मारा जिसने तुम्हें सब कुछ दिया|
इस मौके पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि छोड़ना अलग बात है। बहुत से लोग पार्टी छोड़ देते हैं, लेकिन उन्होंने सिर्फ पार्टी नहीं छोड़ी, उन्होंने पार्टी को चुरा लिया। नाम चुराना, प्रतीक चुराना, भूल जाना कि हमने उनके लिए क्या किया और हमें कोसना कितना उचित है? यह कुछ ऐसा है जो मानवता में विश्वास को हिला देता है। ये बात आदित्य ठाकरे ने भी कही है|
वहीं 40 लोगों के अलावा भी कई लोगों ने हमें प्यार दिया| आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा है कि मैंने देश भर में यात्रा की है, बहुत से लोग प्यार करते हैं, अंत में यही मायने रखता है। मैं हर सभा में एकनाथ शिंदे का सम्मान करता था। जब सत्ता में थी तब मैंने विपक्षी पार्टी की कभी आलोचना नहीं की। विपक्षी दल में हो या सत्ता पक्ष में, टू द प्वाइंट बोलना चाहिए। अब राजनीति में क्या हो रहा है? आदित्य ठाकरे ने भी कहा है कि मुद्दे को छोड़कर हर कोई बात कर रहा है|
विद्रोह के लिए उनके द्वारा बताए गए कारण अलग हैं। कभी कहते हैं उद्धव ठाकरे नहीं मिल रहे, कभी कहते हैं फंड नहीं मिल रहा, कभी हिंदुत्व की वजह बताते हैं| आदित्य ठाकरे ने ये भी कहा कि जो लोग बाहर गए हैं वो अपने लिए गए हैं |