बांग्लादेश चुनावों में रोहिग्या मुसलमानों पर रोक; चुनावों दरम्यान कर सकतें है हमलें

सुरक्षा चिंताओं के बीच राष्ट्रीय चुनावों में भागीदारी पर प्रतिबंध

बांग्लादेश चुनावों में रोहिग्या मुसलमानों पर रोक; चुनावों दरम्यान कर सकतें है हमलें

Rohingya Muslims barred from voting in Bangladesh elections; they could launch attacks during the elections.

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने देश में बढ़ी सुरक्षा चिंताओं के मद्देनज़र रोहिंग्या शरणार्थियों को आगामी राष्ट्रीय संसदीय चुनावों से दूर रखने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। 12 फरवरी को होने वाले चुनावों से पहले गृह मंत्रालय ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों और शरणार्थी शिविरों के अधिकारियों को आदेश दिया है कि रोहिंग्याओं को किसी भी राजनीतिक गतिविधि या चुनावी प्रक्रिया में शामिल न होने दिया जाए।

गृह मंत्रालय ने निर्देशों में कहा है कि रोहिंग्या शरणार्थियों की चुनावी अभियानों, बैठकों या रैलियों में किसी भी तरह की भागीदारी को रोका जाए। अधिकारियों को सख्त निगरानी रखने और उल्लंघन की स्थिति में तत्काल व कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आधिकारिक आदेश में कहा गया है, “रोहिंग्याओं को मतदान केंद्रों के पास जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, और उन्हें किसी भी चुनाव संबंधी गतिविधि में शामिल करने का प्रयास गंभीर अपराध माना जाएगा।”

कानून प्रवर्तन एजेंसियों को विशेष रूप से चुनाव से पहले और मतदान के दिन रोहिंग्या शिविरों के भीतर और आसपास अपनी मौजूदगी मजबूत करने को कहा गया है। अनधिकृत आवाजाही पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई है। गृह मंत्रालय ने स्थानीय प्रशासन, शिविर प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय पर भी जोर दिया है, ताकि पूरे चुनावी दौर में कानून-व्यवस्था बनी रहे।

अधिकारियों ने यह भी चिंता जताई है कि अतीत में कुछ रोहिंग्या शिविर निवासियों के नाम मतदाता सूचियों में शामिल पाए गए थे। इसी आशंका के चलते चुनाव आयोग और प्रशासन को मतदाता सूचियों की कड़ी निगरानी करने का निर्देश दिया गया है, ताकि कोई भी रोहिंग्या व्यक्ति मतदान न कर सके।

इस बीच, कॉक्स़ बाज़ार के नाफ़ नदी क्षेत्र और चटगांव हिल ट्रैक्ट्स से आई हालिया रिपोर्टों ने बांग्लादेश सरकार की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। इन इलाकों में एक भारी हथियारों से लैस रोहिंग्या समूह के उभरने की जानकारी सामने आई है, जो कथित तौर पर पिछले छह महीनों से संगठित प्रशिक्षण गतिविधियों में शामिल है। इसके साथ ही, रोहिंग्याओं के साथ काम कर रहे कुछ सहयोगी संगठनों की मौजूदगी और शिविरों में अवैध हथियारों के भंडारण की खुफिया सूचनाएं भी मिली हैं।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक नोटिस में कहा, “रोहिंग्या चुनाव के दौरान हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्हें दबाया जाना चाहिए।” निर्देश में यह चेतावनी भी दी गई है कि कुछ स्वार्थी तत्व चुनाव के दौरान कॉक्स़ बाज़ार और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में तोड़फोड़ और अस्थिरता फैलाने के लिए शिविरों में मौजूद सशस्त्र समूहों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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