दलवाई ने आरोप लगाया कि भाजपा इसके जरिए एक खास विचारधारा को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ मुस्लिमों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि अन्य धर्मों के खिलाफ भी राजनीति कर रही है, इसलिए इस पर सभी को ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर सरकार को पत्र लिखा, जिस पर हुसैन दलवाई ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर हमला बोलते हुए कहा, “इनकी मानसिकता है कि सभी को अपनी सोच के हिसाब से चलाना है। इतिहास को बदलने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम इसे सफल नहीं होने देंगे।”
ईद से पहले महाराष्ट्र के बीड जिले की एक मस्जिद में धमाका हुआ, जिसे लेकर हुसैन दलवाई ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर इस धमाके के आरोपी मुस्लिम होते, तो उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया जाता। क्या अब सरकार उन पर भी बुलडोजर चलाएगी?”
उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस पर हमला बोलते हुए कहा, “क्या आप उत्तर प्रदेश की राजनीति महाराष्ट्र में लागू करना चाहते हैं? आपको राजधर्म का पालन करना चाहिए।” शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने दावा किया कि आरएसएस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाकर बदलाव चाहता है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा में सत्ता संघर्ष तेज हो गया है। कई नेता पीएम पद पर नजर गड़ाए बैठे हैं, जिनमें अमित शाह, योगी आदित्यनाथ और देवेंद्र फडनवीस प्रमुख हैं। दलवाई ने आरोप लगाया कि सत्ता पाने के लिए भाजपा देश में सांप्रदायिक तनाव और माहौल खराब करने का काम करती है। उन्होंने दावा किया कि मोदी 2029 तक सत्ता में बने रहना चाहते हैं, लेकिन भाजपा में आंतरिक कलह अब तेज हो गई है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईद के मौके पर भाजपा पर दंगे भड़काने की साजिश रचने का आरोप लगाया। इस पर हुसैन दलवाई ने उनका समर्थन करते हुए कहा, “जहां-जहां भाजपा सत्ता में बदलाव लाना चाहती है, वहां दंगे कराए जाते हैं।
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