22.8 C
Mumbai
Wednesday, January 21, 2026
होमराजनीतिमहाराष्ट्र: स्थानीय चुनावों की मतगणना आगे धकेलने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस नाराज़...

महाराष्ट्र: स्थानीय चुनावों की मतगणना आगे धकेलने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस नाराज़ !

"लगातार टालमटोल और नतीजों में देरी जैसी स्थिति उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी।"

Google News Follow

Related

महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों को लेकर चल रही अनिश्चितता के बीच नागपुर खंडपीठ के फैसले ने पूरे चुनाव को नई दिशा दे दी है। हाई कोर्ट के आदेशनुसार, राज्य की सभी नगर परिषदों और नगर पंचायतों के नतीजे अब 21 दिसंबर को एक साथ घोषित किए जाएंगे, भले ही कुछ क्षेत्रों में मतदान पहले ही क्यों न पूरा हो गया हो। करता का फैसला एक याचिका पर आया जिसके अनुसार, करीब 20 नगर परिषदों में मतदान कानूनी विवादों के चलते विलंबित हुआ है। ऐसे में यदि अलग-अलग तारीखों पर परिणाम घोषित किए जाते तो चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठते। अदालत ने माना कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक ही दिन नतीजे घोषित करना आवश्यक है। हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चुनाव आयोग पर नाराज़ी से भरे बयान भी सामने आए है।

उच्च न्यायालय यह भी कहा कि 20 दिसंबर को मतदान समाप्त होने के आधे घंटे बाद एग्ज़िट पोल जारी किए जा सकते हैं। इस तारीख तक आचार संहिता प्रभावी रहेगी। जिन क्षेत्रों में चुनाव रद्द हुए थे, वहां के प्रत्याशी अपने मौजूदा चुनाव चिन्हों का उपयोग जारी रख सकेंगे। हालांकि, अदालत ने उन प्रत्याशियों की मांग ठुकरा दी जिन्होंने दावा किया था कि लगातार देरी से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है और इसलिए खर्च सीमा बढ़ाई जानी चाहिए थी।

फैसले के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनावी प्रक्रिया पर कड़ा असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि लगातार टालमटोल और नतीजों में देरी जैसी स्थिति उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी। फडणवीस ने कहा कि यह असंतोष चुनाव आयोग के प्रति नहीं है, बल्कि पूरे चुनावी तंत्र में मौजूद खामियों के प्रति है, जिनकी वजह से स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हुए हैं। उन्होंने इसे एक असामान्य और चिंताजनक स्थिति बताया और जल्द से जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।

अब जबकि हाई कोर्ट ने अंतिम तिथि तय कर दी है, पूरे राज्य में प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के बीच लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता समाप्त होने की उम्मीद है। सभी निकायों के नतीजे 21 दिसंबर को एक साथ आने से चुनावी माहौल में स्पष्टता लौटेगी और राज्य इन स्थानीय चुनावों के निष्कर्ष की दिशा में एक कदम आगे बढ़ेगा।

यह भी पढ़ें:

SBI द्वारा ‘फ्रॉड’ घोषित किए जाने के खिलाफ अनिल अंबानी ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा 

संचार साथी ऐप: सरकार ने सभी नए स्मार्टफोन्स में अनिवार्य इंस्टॉल का निर्देश दिया, विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल

“मुस्लिम समुदाय को ‘ज्ञानवापी और मथुरा’ सौंपे; हिंदू पक्ष को भी नई मांगें नहीं करनी चाहिए”

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,388फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
287,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें