5 जुलाई को मनाएंगे मराठी विजय दिवस, टाइगर अभी जिंदा है : ​​राऊत​​!

पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और देवेंद्र फड​न​वीस को पता चल गया होगा कि इनका जिस महाराष्ट्र से पाला पड़ा है, वह चुप नहीं रहता।'

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महाराष्ट्र सरकार ने विपक्ष के दबाव के बाद तीन भाषा नीति को वापस ले लिया है। शिवसेना यूबीटी इसे अपनी जीत के तौर पर पेश कर रही है। शिवसेना यूबीटी ने 5 जुलाई को मराठी विजय दिवस मनाने का ऐलान किया है।

इस दिन शिवसेना यूबीटी मुंबई में रैली का आयोजन करेगी। संजय राऊत ने बताया कि 5 जुलाई की रैली में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भी शामिल होंगे। शिवसेना यूबीटी सांसद ने दोनों भाइयों के साथ आने की पुष्टि भी की।
राऊत ने भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर लोगों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। दरअसल सीएम देवेंद्र फडवीस ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे की सरकार ने डॉ. रघुनाथ माशेलकर समिति की सिफारिश मानते हुए तीन भाषा नीति पेश की थी, जिसके तहत पहली कक्षा से 12वीं तक हिंदी पढ़ाने की तैयारी थी।
फडवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने तीन भाषा नीति लागू करने के लिए एक समिति भी गठित की थी। फडणवीस के दावे पर संजय राऊत ने सबूत दिखाने को कहा और बोले कि अगर ऐसा कोई सरकारी प्रस्ताव था तो उसे सार्वजनिक तौर पर जलाएं।
शिवसेना यूबीटी सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मराठी राज्य में हिंदी थोपने की कोशिश कर रही है। राऊत  ने कहा कि ‘5 जुलाई की रैली में बताया जाएगा कि मराठी लोग हिंदी थोपे जाने के खिलाफ हैं।
हमने दिल्ली को दिखा दिया है कि टाइगर अभी जिंदा है।’ उन्होंने कहा कि ‘इस बात में कोई शक नहीं होना चाहिए कि दोनों ठाकरे भाई साथ आएंगे। हमने अन्य राजनीतिक पार्टियों को भी आमंत्रित किया है।’
राऊत ने कहा कि बाला साहब ठाकरे ने हमें सिखाया है कि पाप को मारो, पापी को नहीं। यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ लड़ाई नहीं है बल्कि यह महाराष्ट्र विरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ाई है।
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