केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर नया अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि घनसोली और शिलफाटा के बीच लगभग 5 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण पूरा हो गया है। यह सुरंग बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) और शिलफाटा के बीच प्रस्तावित 21 किलोमीटर लंबी अंडरसी टनल का हिस्सा है, जिसमें 7 किलोमीटर ठाणे क्रीक के नीचे से गुजरती है। इस 4.881 किलोमीटर लंबी सुरंग के सेक्शन में शनिवार को ब्रेकथ्रू (सुरंग का मिलन) हुआ।
रेल मंत्री ने बताया कि जापान की एक टीम ने परियोजना का दौरा किया और कंस्ट्रक्शन की गुणवत्ता की सराहना की। इस प्रोजेक्ट में लगभग 320 किलोमीटर के पुल या पुल का हिस्सा पूरा हो चुका है, सभी स्टेशन पर काम तेजी से चल रहा है और नदियों पर बन रहे पुल भी जल्दी पूरा हो रहे हैं। साबरमती टर्मिनल लगभग तैयार है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन यात्रा का समय 2 घंटे 7 मिनट तक घटा देगी। रास्ते में ठाणे, वापी, सूरत, बड़ौदा और आनंद जैसे प्रमुख शहर हैं, जो आर्थिक रूप से और अधिक विकसित होंगे।
बुलेट ट्रेन की टाइमिंग के बारे में मंत्री ने कहा कि व्यस्त समय में हर आधे घंटे में ट्रेनें चलेंगी और जब पूरा नेटवर्क स्थिर हो जाएगा, तो व्यस्त समय में हर 10 मिनट में सेवा उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी बताया कि पहले से टिकट बुक करने की जरूरत नहीं होगी। यात्रियों को बस स्टेशन पर पहुंचकर 10 मिनट में ट्रेन पकड़ने और दो घंटे में गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
पहला चरण 2027 में सूरत से बिलिमोरा के बीच शुरू होगा। 2028 तक यह ठाणे तक और 2029 तक पूरी परियोजना बीकेसी तक पूरी हो जाएगी।
रेल मंत्री ने किराए पर भी स्पष्ट किया कि बुलेट ट्रेन मिडिल क्लास की सवारी होगी और पूरा फेयर स्ट्रक्चर मिडिल क्लास के अनुसार ही रहेगा। इस परियोजना से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
यह भी पढ़ें:
मुंबई में मोनोरेल सेवा अस्थायी रूप से बंद, यात्रियों ने नाराजगी जताई!
एच-1बी वीज़ा शुल्क को भारत के लिए झटका क्यों नहीं मानते अमिताभ कांत?
विदेशी निर्भरता हमारी सबसे बड़ी दुश्मन, भारत के इस दुश्मन को हराना ही होगा : पीएम मोदी
