24 C
Mumbai
Friday, January 23, 2026
होमदेश दुनिया“21वीं सदी भारत और आसियान की सदी है”: आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में...

“21वीं सदी भारत और आसियान की सदी है”: आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में बोले प्रधानमंत्री मोदी

“भारत आप सबके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने को प्रतिबद्ध है।”

Google News Follow

Related

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (26 अक्तूबर)को मलेशिया में आयोजित ‘आसियान-भारत’ शिखर सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि “21वीं सदी भारत और आसियान की सदी है।” उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को आसियान की सफल अध्यक्षता के लिए बधाई दी और भारत के कंट्री कोऑर्डिनेटर की भूमिका कुशलता से निभाने पर फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस का आभार जताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और आसियान मिलकर विश्व की लगभग एक चौथाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा, “हम केवल भौगोलिक रूप से नहीं, बल्कि गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों से भी जुड़े हैं। हम ग्लोबल साउथ के सहयात्री हैं। सिर्फ व्यापारिक नहीं, सांस्कृतिक साझेदार भी हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आसियान भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का मुख्य स्तंभ है। भारत हमेशा आसियान सेंट्रलिटी और इंडो-पैसिफिक पर आसियान के आउटलुक का समर्थन करता आया है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितताओं के इस दौर में भी भारत–आसियान की व्यापक रणनीतिक साझेदारी में सतत प्रगति हुई है। यह साझेदारी अब वैश्विक स्थिरता और विकास का मजबूत आधार बन रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हर संकट और आपदा की घड़ी में आसियान के मित्र देशों के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि मानवीय सहायता, आपदा राहत, समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी में भारत का सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने 2026 को ‘आसियान-इंडिया समुद्री सहयोग का वर्ष’ घोषित किया है। उन्होंने दोहराया कि “भारत आप सबके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने को प्रतिबद्ध है।”

सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान के नए सदस्य देश तिमोर-लेस्ते का स्वागत किया। तिमोर-लेस्ते अब इस संगठन का 11वां सदस्य बन गया है। अन्य सदस्य देशों में मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर, कंबोडिया, लाओस, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, ब्रुनेई और म्यांमार शामिल हैं।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने थाईलैंड की क्वीन मदर सिरीकित के निधन पर भारत की ओर से थाईलैंड के शाही परिवार और वहां की जनता के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

प्रधानमंत्री का यह संबोधन भारत की एक्ट ईस्ट नीति की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो न केवल आर्थिक सहयोग बल्कि सांस्कृतिक, रणनीतिक और समुद्री साझेदारी को भी नए आयाम दे रहा है।

यह भी पढ़ें:

अमेरिका निकला युद्ध पर; वेनेजुएला में अमेरिका को लेकर तनाव!

तेजस्वी सीएम बनते ही वक्फ कानून खत्म करेंगे, RJD नेता के बयान पर BJP भड़की!

सम्राट चौधरी बोले, नीतीश ही रहेंगे मुख्यमंत्री, बिहार में एनडीए विकासपथ पर!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,374फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
288,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें