उन्होंने कहा, “मैं संसद का सदस्य नहीं था, तब भी कोई सत्र ऐसा नहीं गया जब मुझे गाली देने का काम न किया गया हो।” प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे किसी ने पूछा था कि आपके स्वास्थ्य का क्या राज है?” तब मैंने कहा था कि मैं रोज दो किलो गाली खाता हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने धारा 370 की दीवार गिरा दी इसलिए ये मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। नॉर्थ ईस्ट में बम, बंदूक और आतंक का साया रहता था, उसे समाप्त करके वहां विकास की राह पर चले इसलिए मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नेहरू जी ने सिंधु जल समझौता करके देश के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया था। हमने उस जल समझौते को स्थगित कर दिया, इसलिए आप मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दरअसल कांग्रेस की परेशानी कुछ और है, बल्कि वह पचा नहीं पा रहे कि मोदी यहां तक क्यों पहुंचा। और पहुंचा तो पहुंचा अब तक यहां पे टिका हुआ क्यों है?
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये लोग प्रधानमंत्री पद को अपने परिवार की जागीर मानते हैं और संविधान व लोकतंत्र पर इनका कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि मोहब्बत की दुकान के भीतर ये जो आग लगी हुई है यह उसी का परिणाम हैं कि मोदी की कब्र खुदेगी का नारा लेकर यह लोग चल पड़े हैं।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के लिए कहा कि देश ने आपके लिए भी अपना भविष्य दांव पर लगाया था, लेकिन आपने गरीबी हटाओ के नारे लगाए और लोगों को गुमराह किया। लाल किले से कांग्रेस के एक भी प्रधानमंत्री के भाषण में गरीबी हटाने की बात न हुई हो ऐसा कभी नहीं हुआ। लेकिन यह एक नारे से बढ़कर और कुछ भी नहीं था। गरीबी हटाने के लिए कुछ नहीं किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने गरीबों के लिए काम किया। हमने गरीबों को सशक्त करने का काम किया। उन्होंने कहा, “मैं अपने देश के गरीबों को सलाम करता हूं। उन्होंने देश की योजनाओं को समझा, स्वीकारा और अपने सामर्थ्य को बढ़ाने का प्रयास किया।
बलूचिस्तान हमले पाकिस्तान के गहरे अनसुलझे राजनीतिक संघर्ष उजागर: रिपोर्ट!



