खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी को हमले की पूर्व सूचना थी – उन्होंने तीन दिन पहले कन्याकुमारी यात्रा रद्द की थी – मगर कोई सुरक्षा अलर्ट या टूरिस्ट एडवाइजरी जारी नहीं की गई।
7 मई को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान व पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर कहा गया, जो पहलगाम हमले के जवाब में था, जिसमें आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया।
विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने बताया कि यह ऑपरेशन संवेदनशील लेकिन सटीक था, आतंकवाद को पूर्ण आत्मरक्षा की पहलकदमी के तहत जवाब देने हेतु किया गया।
खड़गे की मांग थी कि सरकार सदन में खुलकर बताए कि आतंकियों को पकड़ा क्यों नहीं गया, ऑपरेशन के वास्तविक नतीजे क्या हैं। नड्डा ने आड़े हाथों खड़े होकर कहा – देश को संदेश देना था, और यह कार्रवाई पिछले 75 वर्षों में सबसे निर्णायक मानी जाएगी।
इस बीच विपक्ष अगले तीन मुद्दों पर जोर दे रहा है: आतंकियों की गिरफ्तारी , ऑपरेशन के आंकड़ों की पारदर्शिता और प्रधानमंत्री द्वारा सचेत करने की कूटनीतिक जिम्मेदारी।
इसके बाद भारतीय वायुसेना का ऑपरेशन सिंदूर, और अमेरिका‑BRICS‑QUAD सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिशन का समर्थन मिला – इसने विश्व स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णय क्षमता को आगे रखा|
अब केंद्रीय नेतृत्व को इन सवालों के जवाब सदन में स्पष्ट रूप से देने हैं: आतंकियों की गिरफ्तारी, ऑपरेशन के आंकड़े और आने वाले कदम कहाँ तक हैं।
ऑपरेशन सिंदूर: मोदी बोले- देशहित में विपक्ष से भी मिला समर्थन!



