पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में किरीट सोमैया ने लिखा है, “मुंबई और महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों में मस्जिद के सामने किसी भी हिंदू धर्म की यात्रा निकलने की अनुमति नहीं दी जाती। जब जुलूस मस्जिद के सामने से गुजरता है तो पूरी तरह से शांत रहने और मौन रहने के लिए कहा जाता है। पुलिस ऐसे अजीब नियम लागू कर रही है। इसमें सुधार की आवश्यकता है।
उन्होंने लिखा, “इस बार रामनवमी का जुलूस घाटकोपर, पवई और चेंबूर से गुजरते समय वहां के पुलिस अधिकारियों ने नियमावली के नाम पर अजीब प्रतिबंध लगाए। नमाज का समय होने के कारण जुलूस को रोका गया।
किरीट सोमैया ने लिखा, पुलिस आदेश देती है कि मस्जिद के सामने से जुलूस नहीं जा सकता। मस्जिद अधिकृत हो या अनधिकृत, मार्ग बदलने का दबाव डाला जाता है। कोई 100–200 फुट की मस्जिद सरकारी होने पर भी पुलिस हिंदुओं के जुलूस, कार्यक्रम या सार्वजनिक कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाती है।
भाजपा नेता ने कहा, “26 मार्च को रामनवमी की शोभायात्रा में कई जगहों पर आयोजकों के खिलाफ अनुचित व्यवहार किया गया। श्रीरामनवमी की शोभायात्रा को बमखाना, घाटकोपर में “नमाज” के नाम पर 45 मिनट तक रोका गया। विरोध करने पर डीसीपी द्वारा अभद्र व्यवहार और धमकी दी गई।
वर्षों से जारी ऐसे अवैध हस्तक्षेप और अवरोध रोके जाने चाहिए। रामनवमी या अन्य हिंदू उत्सवों के लिए मस्जिद, नमाज या अनधिकृत मस्जिद के नाम पर झूठे नियम व प्रतिबंध लागू करने से पुलिस को रोकना चाहिए।
केरल में नितिन नवीन का राहुल गांधी पर हमला, कहा मैच-फिक्सर नेता!



